नई दिल्ली: क्या आप यकीन करेंगे की यूपी में विधानसभा क्षेत्र हैं जहां से दो-दो विधायक चुने जाते रहे हैं। जी हां, यूपी के पट्टी विधानसभा क्षेत्र से 1952 और 1957 के विधानसभा चुनाव में एक ही क्षेत्र से दो विधायक चुने गए थे।
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दरअसल यह व्यवस्था उन क्षेत्रों में लागू की गई थी जहां वोटरों की तादाद एक लाख से ज्यादा थी। दो विधायक चुने जाने का मकसद रिजर्वेशन कोटे को लोगों को भी समुचित प्रतिनिधित्व देना था।
मजेदार तथ्य यह है कि ऐसे विधानसभा क्षेत्रों में पार्टियां भी दो-दो प्रत्याशी चुनाव में खड़े करती थी। जिनमें एक प्रत्याशी सामान्य वर्ग का होता था जबकि दूसरा रिजर्व कोटे का। दोनों कोटे के प्रत्याशियों के वोटों की अलग-अलग गिनती करके परिणाम भी अलग-अलग घोषित किए जाते थे।