लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चुनाव की धमक साफ सुनाई देने लगी है। मोदी और राहुल गांधी जहां एक के बाद एक रैलियां कर रहे हैं वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी तोहफों की बरसात कर दी। अखिलेश मंत्रीमंडल ने 17 पिछड़ी जातियों को दलित कोटे में शामिल करने का प्रस्ताव पास किया है। इनमें कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, प्रजापति, बाथम, गोंड, कश्यप, धीवर, बिंद, राजभर जातियां इनमें शामिल हैं।
अखिलेश ने बुधवार को शिक्षकों व राज्यकर्मियों को भी खुश करने की कोशिश की और राज्यकर्मियों की भांति सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थानों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व निगमों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों को अब पति-पत्नी दोनों को मकान किराया भत्ता देने का ऐलान किया है।
जानकारी के मुताबिक अभी तक सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों में यदि पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं, तो सिर्फ एक को ही एचआरए का लाभ मिलता था, जबकि राज्य कर्मचारी में पति-पत्नी दोनों को इसका लाभ दिया जा रहा है। राज्यकर्मियों की तरह सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों के कर्मचारी भी पति-पत्नी को एचआरए देने की मांग कर रहे थे।
इसके अलावा सरकार ने कमजोर वर्ग के लिए ई-रिक्शा में राहत दी है। अखिलेश यादव ने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट को साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है। बाजार में 60,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है। सरकार के इस फ़ैसले के बाद अब ई-रिक्शा 5 से लेकर 7 हज़ार रुपये तक सस्ता हो जाएगा।
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों का भी ख्याल रखा है। सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा।
इनके अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है।