नयी दिल्ली: नोटबंदी मुद्दे पर लोगों को हो रही परेशानी को लेकर विपक्षी सदस्यों के तथा इस विषय पर अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे भाजपा सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही आज एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
सुबह बैठक शुरू होने पर सदन ने अपने पूर्व सदस्य सी रामास्वामी को श्रद्धांजलि दी जिनका आज चेन्नई के एक अस्पताल में निधन हो गया। इसके बाद सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। आजाद ने कहा कि इस घोषणा को करीब एक महीना होने को है लेकिन अब भी बैंकों तथा एटीएम के बाहर लोगों की लाइनें लगी हुयी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना तैयारी के इतनी बड़ी योजना लायी और उसने पैसों का पर्याप्त इंतजाम नहीं किया। सरकार ने न तो बैंकों में और न ही एटीएम में पैसों की व्यवस्था की।
आजाद ने कहा कि सरकार के इस फैसले के कारण 84 लोगों की मौत हो गयी है और लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी बेटी की शादी तक के लिए पैसे नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन लोगों की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि राजस्व सचिव ने कहा था कि नोटबंदी के बाद पूरी करेंसी वापस आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जब सभी नोट वापस आ जाएंगे तो काला धन कहां है।
भाजपा सदस्यों की टोकाटोकी के बीच आजाद ने कहा कि नोटबंदी के कारण बड़ी संख्या में लोगों का रोजगार छिन गया है और कामगारों की छंटनी हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों से रिजर्व बैंक ने जमा होने वाले नोटों के बारे में जानकारी देनी बंद कर दी है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा को दिए गए जवाब का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर में कहा गया है कि बैंकों के पास पर्याप्त पैसा है। उन्होंने कहा कि जब बैंकों में पर्याप्त पैसा है तो लोग लाइनों में क्यों लगे हुए हैंं।