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Rajat Sharma's Blog | क्या शुभेंदु ने तृणमूल कांग्रेस को ख़त्म कर दिया है?

 Written By: Rajat Sharma
 Published : Sep 19, 2026 03:55 pm IST,  Updated : Sep 19, 2026 04:06 pm IST

नंदीग्राम से उनकी उम्मीदवार छोड़कर चली गईं, चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव निशान freeze कर दिया, पार्टी का नाम बदल दिया और ममता इन सबके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार न ठहराएं, तो किसे ठहराएं? पर उन्हें ये सोचना चाहिए कि आख़िरकार ये सब क्यों हुआ?

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

बंगाल में ममता बनर्जी को दो बड़े झटके लगे। नंदीग्राम में ममता ने जिस महिला को उम्मीदवार बनाया था, उसने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात से पहले अचानक अपना पर्चा वापस ले लिया। ममता ने फौरन कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया, लेकिन शाम को पुलिस ने उसे हत्या के किसी पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया।

दूसरा झटका मिला चुनाव आयोग से।चुनाव आयोग ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नाम और चुनाव निशाल को freeze कर दिया। ममता की पार्टी को नाम दिया “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” और अरुप राय की पार्टी को नाम दिया “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस”। ममता को फुटबॉल चुनाव निशान दिया और अरुप राय की पार्टी को लिफाफा निशान दिया। ममता ने इस फैसले को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया, कहा, वो सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती देंगी।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ये सब ममता के पापों का फल है, ममता ने सनातन को गाली दी, राम मंदिर के उद्घाटन के दिन कोलकाता में रैली निकाली, इसलिए ममता को प्रभु राम का ग़ुस्सा झेलना पड़ रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, चुनाव आयोग और बीजेपी मिलकर विपक्ष को ख़त्म कर रहे हैं, इसके ख़िलाफ़ मिलकर लड़ना होगा, अब वो INDI alliance को मज़बूत करेंगी।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने ट्विटर पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर पहले उद्धव ठाकरे की शिव सेना को तोड़ा, फिर शरद पवार की एनसीपी में सेंध लगाई और अब ममता बनर्जी की पार्टी को खत्म किया जा रहा है, ये देश में लोकतन्त्र की हत्या है।

ममता बनर्जी ने कांग्रेस का दामन शौक़ से नहीं थामा। ये उनकी मजबूरी है। जाएं तो जाएं कहां? नंदीग्राम से उनकी उम्मीदवार छोड़कर चली गईं, चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव निशान freeze कर दिया, पार्टी का नाम बदल दिया और ममता इन सबके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार न ठहराएं, तो किसे ठहराएं? पर उन्हें ये सोचना चाहिए कि आख़िरकार ये सब क्यों हुआ? जनता ने उन्हें चुनाव क्यों हराया? हार के कुछ ही हफ़्तों के अंदर ज़्यादातर MLAs और MPs ममता को छोड़कर क्यों चले गए?

ममता को ये भी सोचना चाहिए कि इस बार कांग्रेस ने उचक कर उनका साथ क्यों दिया? उनसे सहानुभूति क्यों जताई? दरअसल, कांग्रेस की अपनी परेशानी है। DMK ने कहा है कि वो गैर-कांग्रेसी पार्टियों के साथ मिलकर एक तीसरा मोर्चा बनाएगी। कनीमोझी  कालीघाट जाकर ममता बनर्जी से मिली थीं। उन्होंने उद्धव ठाकरे और सुप्रिया सुले से भी नए alliance में शामिल होने की बात की है। केजरीवाल पंजाब में कांग्रेस से लड़ रहे हैं। कम्यूनिस्ट केरल में कांग्रेस के ख़िलाफ़ लड़े थे। अब अगर ये सब DMK के साथ चले गए तो INDIA bloc का क्या होगा? INDIA bloc अगर ख़त्म हुआ तो फिर कांग्रेस का क्या होगा ? कांग्रेस को यही चिंता सताए जा रही है। कांग्रेस को ममता से प्यार नहीं है, INDIA alliance के अस्तित्व को बचाने की मजबूरी है।

पंजाब में ड्रग्स कारोबार को कुचल कर रख दो

पंजाब में सभी पार्टियां अब इलेक्शन मोड में आ गई हैं। बीजेपी ने नशा मुक्त पंजाब यात्रा शुरू की। ये यात्रा पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि जिस पंजाब की मिट्टी सोना उगलती है, उस पंजाब के नौजवान नशे की गिरफ्त में हैं, लाखों परिवार तबाह हो गये। अब बीजेपी इन हालात को बदलेगी। सबसे पहले गांव-गांव, गली-गली नशे का ज़हर बेचने वालों के नेटवर्क को खत्म किया जाएगा। इसके साथ-साथ नशे के सप्लायर्स को खोज कर जेलों में डाला जाएगा। फिर ड्रग्स की तस्करी बंद होगी। नशे के काले कारोबार से जिन लोगों ने करोड़ों की संपत्तियां बनाई हैं, उन्हें जब्त करके उन पर बुलडोजर चलेगा और जो नौजवान नशे के शिकार हैं, उनके रिहैब के बेहतरीन इंतजाम के जाएंगे।

AAP के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, ड्रग्स के खिलाफ पिछले पांच साल में जितना काम हुआ है, उतना सत्तर साल में नहीं हुआ। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या की जड़ बीजेपी है क्योंकि पंजाब में अब नशे का सामान सीमापार से नहीं, बीजेपी शासित राज्यों से आ रहा है।

सियासी बयानबाजी अपनी जगह है। लेकिन सभी पार्टियों को उन मांओं का दुख देखना चाहिए जिनकी गोद सूनी हो गई, किसी का इकलौता बेटा नशे के चक्कर में मर गया, किसी के पति और तीन बेटे को ड्रग्स का ज़हर निगल गया, किसी के दो बेटों की मौत नशे की लत के कारण हो गई। जब पंजाब के उन परिवारों की बात सुनते हैं, जो नशे के कारण तबाह हो गए, जब उस मां के आंसू देखते हैं, जिसने drugs के कारण अपना बेटा खो दिया, जब उस बहन की कहानी सुनते हैं, जिसकी शादी के 10 दिन बाद overdose से पति की मौत हो गई तो कलेजा मुंह को आ जाता है।

पंजाब की गली-गली में नशे के शिकार, नशे से सताए हुए लोग हैं जिनकी आंखों में आंसू है, दिल में दर्द है। उन्हें ये नहीं पता कि नशे की ये आग कब बुझेगी? उन्हें ये भी समझ नहीं आता कि नशे का कारोबार सरेआम चलता है पर पुलिस एक्शन क्यों नहीं लेती ? Drugs लेने वालों को पकड़ती है लेकिन supply करने वालों पर हाथ क्यों नहीं डालती? पुलिस, सरकारी अफसर और मंत्री इतने संवेदनहीन क्यों हैं?

मुझे लगता है इन हालात में कोई भी political party अगर नशे के ख़िलाफ़ अभियान चलाती है, तो उसका स्वागत करना चाहिए, चाहे वोटों के लिए सही, अगर drugs के ख़िलाफ़ कोई genuine आवाज़ उठती है तो उसका साथ देना चाहिए। चाहें धमकियां मिलें, चाहे गोलियां चले, नशे का कारोबार बंद होना ही चाहिए। अब न तो और इंतज़ार किया जा सकता है, न नशे को और ज़्यादा बर्दाश्त किया जा सकता है।

ब्लफ मास्टर मुनीर ट्रम्प को दे रहे हैं, झांसे पर झांसा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान जैसे उन मुल्कों से खुश रहते हैं, जो उनकी खुशामद में किसी भी हद तक जाने को तैयार हों। कल पाकिस्तान ने ट्रंप को खुश करने के लिए एक और कारनामा किया। पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने एक अमेरिकी कंपनी Powerus के साथ ड्रोन खरीदने की बड़ी डील साइन की। इस कंपनी को ड्रोन की पहली खेप का ऑर्डर भी दे दिया।

Powerus कंपनी मिलिट्री और इंडस्ट्रियल यूज के लिए एरियल और मैरीटाइम ड्रोन बनाती है। Powerus कंपनी को अगले कुछ दिनों में 'ऑरियस ग्रीन-वे होल्डिंग्स' नाम की कंपनी में विलय करने की तैयारी है, जिससे डॉनल्ड ट्रंप के बेटे जूनियर ट्रंप और एरिक ट्रंप जुड़े हुए हैं। इन दोनों की ऑरियस में पूंजी लगी है। पता चला है कि जब कंपनी का विलय पूरा हो जाएगा तो ट्रंप के बेटों की ऑरियस कंपनी में 9.9% की हिस्सेदारी हो जाएगी। जैसे ही इस डील के बार में चर्चा शुरू हुई, तो अमेरिका में ट्रंप की आलोचना हुई। Powerusने सफाई दी। कहा कि पाकिस्तान में कंपनी को मिलने वाले कॉन्ट्रैक्ट का ट्रंप के बेटों से कोई लेना-देना नहीं है।

ट्रंप जूनियर ने भी सफाई दी है। कहा कि कॉन्ट्रेक्ट में उनका कोई रोल नहीं है। पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार पर भी सवाल उठने शुरू हो गए। अगर पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ drone की डील कर ली तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं।इस डील से अगर ट्रंप जूनियर remotely भी connected हैं तो भी कोई अचरज नहीं होना चाहिए। जनरल मुनीर की राष्ट्रपति ट्रंप के लिए ऐसे कामों के अलावा और कोई value भी नहीं है।

पहले भी White House में entry पाने के लिए पाकिस्तान ने ट्रंप परिवार के सदस्यों  के साथ crypto currency की भारी भरकम डील की थी। ये डील आसिम मुनीर की मौजूदगी में हुई थी, लेकिन ट्रंप को थोड़े दिन में समझ आ जाएगा कि फर्जी डील करना और धोखा देना पाकिस्तान की फ़ितरत में है।

पाकिस्तान ने ईरान से समझौता कराने का झांसा दिया। उससे पहले अपनी ज़मीन पर rare earth होने का फ़र्ज़ी दावा किया। अमेरिका को लालच दिया। अब ड्रोन की डील हुई है। मुझे लगता है कि थोड़े दिन में पाकिस्तान पूरी तरह expose हो जाएगा। न कोई डील हो पाएगी, न वो कोई समझौता करा पाएगा। 

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 18 सितंबर, 2026 का पूरा एपिसोड

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