हैरानी की बात ये है कि इस्लामाबाद में वज़ीर-ए-आज़म शहबाज़ शरीफ़ के दफ़्तर से 17-18 किलोमीटर की दूरी पर इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ लेकिन पाकिस्तानी मीडिया में कई घंटों तक इस खबर को नहीं दिखाया गया।
अमेरिकी ट्रेड डील का मतलब क्या है ? जो लोग कहते थे कि अमेरिका भारत का दुश्मन हो गया, ट्रंप मोदी को पसंद नहीं करते, उन्हें जवाब मिल गया। 50% टैरिफ को कोई अपने दुश्मन के लिए घटा कर 18% नहीं करता।
इस ऐतिहासिक डील का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। तमाम कठिनाइयों और चुनौतियों के बीच मोदी ने अपना धैर्य नहीं खोया और अंतिम क्षण तक अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखा। ट्रंप ने ही सोमवार रात मोदी को फोन किया, बातें हुई और भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 18 प्रतिशत तक घटाने का ऐलान कर दिया।
भारत में कब तक कंटेनर्स चीन से आते रहेंगे? रेयर अर्थ मेटल्स अगर चीन की ताकत बन सकता है, तो हमारी क्यों नहीं? कब तक हम अपने समुद्री खाद्य, कपड़े, दवा और कारों के निर्यात के लिए अमेरिका के सामने हाथ फैलाते रहेंगे?
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार कमाल का नज़ारा देखने को मिला। न किसी ने विचारधारा की परवाह की, न गठबंधन की। न दोस्ती काम आई, न दुश्मनी।
ठगी के शिकार पति-पत्नी इंजीनियर और डॉक्टर हैं। दोनों ने दुनिया देखी है, फिर भी पहचान नहीं पाए कि पुलिस नकली थी, कोर्ट नकली था, कागज़ात फर्जी थे, केस झूठा था, डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती। फिर भी साइबर अपराधियों ने उन्हें डराकर 15 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
JNU में जो हुआ वो अर्बन नक्सलों का सोचा-समझा हमला है। ये लोग बड़े चालाक हैं। इंकलाब का नारा लगाते हैं, मोदी और RSS का नाम लेकर शोर मचाते हैं लेकिन जिस फैसले को ये चुनौती दे रहे हैं वो फैसला सुप्रीम कोर्ट का है। JNU में लगे ये नारे हमारे संविधान और सुप्रीम कोर्ट को चुनौती है।
असल में ट्रंप की धमकी के पीछे दो वजहें हैं। एक, अमेरिका की नज़र ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधन पर हैं, दूसरा, ट्रंप को लगता है कि उत्तरी ध्रुव पर रूस और चीन का दबदबा है, यूरोपीय देश इन दोनों का मुक़ाबला नहीं कर सकते, ऐसे में अगर ग्रीनलैंड अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा तो रूस-चीन का मुकाबला करने में मदद मिलेगी।
जनरल आसिम मुनीर जानते हैं कि इमरान खान चाहे जेल में बंद हैं लेकिन पाकिस्तान में उनकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ खुद जनरल मुनीर अधर में लटके हुए हैं। Impression ये है कि नवाज शरीफ ने जनरल मुनीर को चीफ आफ डिफेंस फोर्स नियुक्त करने वाला notification अटकाया हुआ है।
आतंकियों के आकाओं को, जो इन बेगुनाहों की हत्या के लिए ज़िम्मेदार हैं, कभी माफ नहीं किया जा सकता, चाहे वे किसी भी देश में छिपे हुए हों। देश इन बेगुनाहों की हत्या का हिसाब मांग रहा है।
ये बात तो सब जानते हैं कि बिहार के चुनाव नतीजे तेजस्वी के राजनीतिक भविष्य पर असर डालने वाले होंगे। इसलिए तेजस्वी ने इस चुनाव में जी-जान लगा दी है लेकिन उनके सामने चुनौती बहुत बड़ी है।
आज ईरान के बड़े बड़े नेताओं की हिप्पोक्रेसी के सबूत दुनिया के सामने आ गए. जो नेता शरिया कानून की दुहाई देकर इस्लामिक परंपराओं की बात करते महिलाओं पर जुल्म करते हैं. महिलाओं को परदे में रहने के लिए मजबूर करते हैं.
ट्रंप की जो ताकत है, अमेरिका के राष्ट्रपति के पद का जो रुतबा है, उसे देखते हुए ट्रंप के लिए नोबेल पुरस्कार कोई बड़ी चीज नहीं है। ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए इतनी ललक दिखाकर इसे इतना बड़ा बना दिया।
नीतीश कुमार की सबसे बड़ी advantage है कि उनके साथ बीजेपी है। बीजेपी की समस्या ये है कि बिहार में उनके पास कोई ऐसा नेता नहीं है जिसे project किया जा सके। लेकिन बीजेपी के पास मोदी का नाम और काम है, जो उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
PoK में इंक़लाब की गूंज आसिम मुनीर के लिए चेतावनी है। उसके प्लान के लिए झटका है। जिस PoK को मुनीर की फौज भारत के खिलाफ आतंकवाद के launchpad के लिए इस्तेमाल करती है, वहां बगावत की आवाज मुनीर को रात में सोने नहीं देगी।
सवाल ये है कि क्या ये सब कुछ पूर्वनियोजित साज़िश थी ? क्या नौजवानों को किसी ने भड़काया ? अपनी मांगें मनवाने का ये तरीका ठीक नहीं है। लोकतंत्र में हिंसा करने का हक किसी को नहीं है।
हैरानी की बात ये है कि राहुल गांधी ने गुरुवार को Gen Z से लोकतंत्र की रक्षा करने और वोट चोरी रोकने की अपील कर दी। राहुल ने ट्वीट में लिखा कि देश के युवा, देश के छात्र और देश के Gen Z संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे।
कप्तान सूर्य कुमार यादव के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करके मुहम्मद युसूफ ने नीचता की हद पार कर दी। शाहिद अफ़रीदी ने भी शालीनता की सीमा तोड़ दी। भारत के प्रधानमंत्री को कुछ कहने से पहले अफ़रीदी को अपनी सरकार से पूछना चाहिए कि पाकिस्तान को विश्व क्रिकेट में इज्जत दिलाने वाले इमरान खान जेल में बंद क्यों हैं?
कांग्रेस की तरफ से पीएम मोदी की मां को लेकर पहले आपत्तिजनक बयान दिया गया और अब पीएम मोदी और उनकी मां का एक एआई वीडियो भी जारी किया गया है। राजनीति के लिए एक स्वर्गीय महिला का इस्तेमाल करना वाकई शर्मनाक है।
चार्ली कर्क ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी थे। राष्ट्रपति चुनाव में चार्ली कर्क ने ट्रंप के लिए जबरदस्त प्रचार किया था। अमेरिकी युवाओं के बीच 31 साल के चार्ली की फैन फॉलोइंग जबरदस्त है।
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