नागपुर: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित दो दिवसीय जल क्रांति परिषद को संबोधित करते हुए जल संरक्षण और जल प्रबंधन को गांवों की समृद्धि की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में और घर का पानी घर में रोकना जरूरी है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति का नियम है कि एक रुपये का काम करो और 10 रुपये की पब्लिसिटी करो। हमने 10 रुपये का काम किया लेकिन एक रुपये की भी पब्लिसिटी नहीं की।
जल संरक्षण की जरूरत पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि बारिश के पानी को जमा करने और बचाने के काम की जरूरत है । बारिश का पानी ही पानी का एकमात्र सोर्स है। बारिश का पानी बचाएं और वही पानी हमें बचाएगा, पानी को रोकना, जमा करना और बहने के वजह जमीन में रिसने देना, इन्हीं तीन बातों पर गांव की समृद्धि निर्भर करती है । पानी ही जीवन है और पानी ही गांव, गरीब, मजदूर, किसान के जीवन को बदल सकता है ।
10 रुपये का काम किया 1 रुपये की भी पब्लिसिटी नहीं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनके मित्र कहते हैं कि आप यह काम कर रहे हो उन्हें पता नहीं। दरअसल, राजनीति का नियम यह है कि 1 रुपये का काम करना और 10 रुपये की पब्लिसिटी करना। पर हमने यहां 10 रुपये का काम किया, 1 रुपये की भी जानकारी हमने नहीं दी। यह हमारी कमी रही। गडकरी ने कहा कि जल ही जीवन है कि समर्पित भावना के साथ सकारात्मक और निरंतर बनाए रखते हुए ,पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था ने विगत 25 वर्षों से जल संवर्धन एवं भूजल पूनभरण का कार्य निष्ठा पूर्वक किया है।
भारत-पाकिस्तान जल बंटवारे का किया जिक्र
नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में भारत और पाकिस्तान का जिक्र किया और कहा कि बंटवारे के बाद तीन नदियां भारत को मिलीं, तीन नदियां पाकिस्तान को मिलीं, हमारे अधिकार का पानी पाकिस्तान में जा रहा है तो मैंने अधिकारियों से कहा कि क्यों नहीं पानी को रोकते। हमारे अधिकार का पानी है। मैंने कहा कि ये पानी रोको, पंजाब, हरियाणा और कश्मीर के मुख्यमंत्री को बुलाया और मैंने कहा झगड़ा करने की जरूरत नहीं है। इतना पानी पड़ा हुआ है, जो पाकिस्तान में जा रहा तब मैंने पंजाब हरियाणा कश्मीर के मुख्यमंत्री का साइन लेकर उस पानी को डायवर्ट किया। इससे राजस्थान के आठ जिलों तक पानी मिलेगा ,पंजाब ,हरियाणा को पानी मिलेगा।
पानी ही किसान के जीवन को बदल सकता है: गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम में संबोधन करते हुए कहा कि दौड़ने वाले पानी को चलने के लिए लगाओ, चलने वाले पानी को रुकने के लिए लगाओ, रुके हुए पानी को जमीन को पीने के लिए लगाओ, गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में, घर का पानी घर में, यदि हम करेंगे तो गांव की गरीबी दूर होगी, अब गांव के लोग दो-दो फसल लेने लगे है, कुछ जगह पर तीन-तीन फसल लेने लगे। इससे सोशल इकोनॉमिक्स सिनेरियो बदल गया, पानी ही किसान के जीवन को बदल सकता है।