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Rajat Sharma's Blog | बेशर्म गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने भारत को शर्मसार किया

Written By: Rajat Sharma @RajatSharmaLive Published : Feb 19, 2026 10:39 am IST, Updated : Feb 19, 2026 10:39 am IST

दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने ऐसी हरकत कर दी जिसने पूरी समिट पर स्याह धब्बा लगा दिया। यूनिवर्सिटी ने अपने पैविलियन में एक चीन-निर्मित रोबो-डॉग को अपना बता कर पेश कर दिया।

Rajat sharma Indiatv- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी की गड़बड़ी के कारण पूरी दुनिया में देश की छवि खराब हुई है। AI समिट में 18 देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति, 50 देशों के मंत्री, 100 देशों के प्रतिनिधिमंडल आए, दुनिया भर की 500 से ज़्यादा स्टार्ट-अप कंपनियों ने यहां अपने स्टॉल लगाए। इस AI समिट में भाग लेने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुला डा सिल्वा, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ जैसी बड़ी हस्तियां आई हैं।  गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के CEO आए हैं, देश की कंपनियां और बड़े संस्थान AI के क्षेत्र में अपने अपने काम को शो-केस कर रहे हैं। लेकिन ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने ऐसी हरकत कर दी जिसने पूरी समिट पर स्याह धब्बा लगा दिया। इस समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने पैविलियन में एक चीन-निर्मित रोबो-डॉग को अपना बता कर पेश कर दिया। गलगोटिया यूनीवर्सिटी की चोरी पकड़ी गई और इसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई हुई। गलगोटिया यूनीवर्सिटी को समिट से तुरंत सामान समेटने को कहा गया, पैवेलियन की बिजली काट दी गई और उसको चारों तरफ से काले रिबन से घेरकर बंद कर दिया गया।

गलगोटिया यूनीवर्सिटी ने समिट में दावा किया कि वो भी रोबोटिक्स की फील्ड में बड़े काम कर रही है, यूनिवर्सिटी के पैविलियन में एक ड्रोन सॉकर और दो रोबो रखे गए थे. इनमें एक था रोबो डॉग। ये दावा किया गया कि ये रोबो डॉग गलगोटिया यूनीवर्सिटी ने डेवेलप किया है। प्रोफेसर नेहा सिंह ने बताया कि इस रोबो डॉग का नाम है, ओरॉयन, जिसे गलगोटिया यूनीवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सेलेंस ने तैयार किया है। ये इंटरनेट का दौर है और कुछ ही मिनटों में बात पूरी दुनिया में फैल गई। झूठ ज्यादा देर तक छुपता नहीं है। वही हुआ, कुछ ही देर में हक़ीक़त सामने आ गई। पता लगा कि ये रोबो डॉग तो चीनी कंपनी यूनी-ट्री ने बनाया है। GO-2  मॉडल का ये रोबो डॉग बाजार में 2 से 3 लाख रुपए में बिक रहा है।

चीन के मीडिया ने भी यूनी-ट्री के रोबो डॉग के साथ फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की और कहा कि चीनी रोबो-डॉग को भारत की एक कंपनी अपना बता रही है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के इस झूठ की वजह से पूरी दुनिया में भारत की छवि की किरकिरी हुई। जब बात बढ़ गई तो गलगोटिया यूनीवर्सिटी ने अपनी गलती मानी और माफी मांग ली, लेकिन उनकी इस हरकत से सरकार को परेशानी झेलनी पड़ी।  IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि किसी एक की गलती को मुद्दा बनाकर पूरे समिट को जज करना गलत है। वैष्णव ने कहा कि गलती करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हुई है, समिट में सैकड़ों अच्छी चीजें भी आई है, नए नए ideas आए हैं, उन पर भी ध्यान देना चाहिए। किसी एक की बेशर्मी पूरे देश को कैसे शर्मसार कर सकती है, गलगोटिया यूनिवर्सिटी का कारनामा इसी का उदाहरण है। इसे ये कहकर नहीं टाला जा सकता कि ये कोई अनजाने में हुई गलती थी। ये एक सोचा समझा झूठ था, हवाबाज़ी थी जो पकड़ी गई। इसने चीन को मौका दिया, कांग्रेस को मसाला दिया, AI समिट  से जलने वालों को शर्मिंदगी पैदा करने का अवसर दिया, सरकार को एक्शन लेना पड़ा। शाम को गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने भी अपनी करतूत के लिए माफ़ी मांग ली लेकिन छवि को जो नुकसान होना था वो तो हो गया।

मैं अश्विनी वैष्णव की इस बात से सहमत हूं कि..किसी एक संस्था की गलती की वजह से सारे AI समिट को जज करना गलत है। अश्विनी वैष्णव की ये बात भी सही है कि AI समिट में स्वेदशी इनोवेटर्स ने जो प्रोडक्ट शोकेस किए हैं, वो कमाल के हैं। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस मे हुए बड़े बड़े बदलाव प्रेज़ेंट किए गए हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, IBM, OpenAI, एंथ्रोपिक, AMD जैसी दुनिया की बड़ी कंपनियां अपने AI मॉडल्स को शो-केस कर रही है, जिन्हें देखकर अंदाजा हो जाता है कि आने वाले समय में हमारी ज़िंदगी में AI का कितना अहम रोल होगा। IBM ने एक ऐसा tool पेश किया जिसकी मदद से किसान अपनी फ़सलों की बीमारियों का पता लगाकर, उनसे छुटकारा पाने के उपाय जान सकेंगे। इसके लिए किसानों को सिर्फ अपनी फ़सल की तस्वीरों को IBM के इस AI टूल में अपलोड करना होगा। टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज़ ने हथकरघा चलाने वालों के लिए ज़बरदस्त AI टूल बनया है। ये टूल बुनकरों को कपड़े की डिज़ाइन बनाकर देगा, कपड़े की कलर कोडिंग बताएगा और fabric तैयार करने में मदद करेगा। युद्ध का मैदान हो या ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल सेक्टर से जुड़े कई AI मॉडल शोकेस किए गए हैं। एक मॉडल अब सर्जरी में भी डॉक्टर्स की मदद करेगा। अगर जूनियर डॉक्टर हॉस्पिटल में सर्जरी कर रहे हैं तो इस AI टूल की मदद से हजारों किलोमीटर दूर बैठे सीनियर डॉक्टर उनकी मदद कर सकेंगे।  (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 18 फरवरी, 2026 का पूरा एपिसोड

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