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अमेरिका-ईरान वार्ता पर नेतन्याहू को अपडेट देने अगले हफ्ते इजरायल जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो, जंग की आहट तेज

 Published : Feb 19, 2026 08:38 am IST,  Updated : Feb 19, 2026 08:38 am IST

ईरान पर हमले की आशंका के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ईजरायल जाने वाले हैं। वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता के बारे में जानकारी देंगे।

मार्को रूबियो, अमेरिका के विदेश मंत्री। - India TV Hindi
मार्को रूबियो, अमेरिका के विदेश मंत्री। Image Source : AP

वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान में जंग की आहट के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अगले सप्ताह इज़राइल की यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं। मार्को रूबियो इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता पर अपडेट देना चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार रुबियो 28 फरवरी को नेतन्याहू से मिलने वाले हैं। ये अधिकारी बुधवार को नाम न छापने की शर्त पर यात्रा योजनाओं के बारे में बता रहे थे, जो अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई हैं।

अमेरिका के साथ ईरान पर स्ट्राइक में शामिल होगा इजरायल

अमेरिका ने ईरान पर हमले की पूरी तैयारी कर ली है। इजरायल अमेरिका के साथ ईरान पर हमले में शामिल होगा। इससे पहले ईरान पर इजरायली हमले में अमेरिका भी शामिल हुई था और तेहरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बम गिराये थे। अब अमेरिका और ईरान ने हाल ही में इस्लामिक गणराज्य के परमाणु कार्यक्रम पर दो दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता की है। दोनों पक्षों के अधिकारियों ने इस सप्ताह प्रगति पर कुछ संयमित आशावाद व्यक्त किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यहां तक कहा कि समझौते तक पहुंचने के लिए "एक नई खिड़की खुल गई है।" हालांकि अमेरिका ईरान पर हमले का मानसिक दबाव बनाए हुए है।

अमेरिका को लगता है नहीं मानेगा तेहरान

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में ईरान के साथ हुई वार्ता के बारे में कहा, "कुछ मायनों में यह अच्छा रहा। दूसरे मायनों में यह बहुत स्पष्ट था कि राष्ट्रपति ने कुछ लाल रेखाएं तय की हैं, जिन्हें ईरानी अभी स्वीकार करने और उन पर काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। नेतन्याहू पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को बेअसर करने और हमास तथा हिजबुल्लाह जैसे प्रॉक्सी समूहों को फंडिंग रोकने के कदम शामिल हों। 

ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका

वार्ता के दौरान ही ट्रंप प्रशासन तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है। अमेरिका ने क्षेत्र में सैन्य तैनाती को कई गुना बढ़ा दिया है। इससे चिंता है कि कोई हमला मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष में बदल सकता है। शुक्रवार को ट्रंप ने रिपोर्टरों से कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन "सबसे अच्छी चीज होगी जो हो सकती है। ट्रंप ने कहा कि "47 साल से वे बातें करते आ रहे हैं।"

ट्रंप प्रशासन ने दुनिया के सबसे बड़े विमान वाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड को कैरिबियन सागर से मध्य पूर्व भेज दिया है, जहां दूसरा कैरियर और अन्य युद्धपोत तथा सैन्य संसाधन पहले से तैनात हैं। मिलिट्री एयर ट्रैकिंग एलायंस (एमएटीए) के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिका से और यूरोप से दर्जनों लड़ाकू विमान एफ-35, एफ-22 और एफ-16 सहित मध्य पूर्व की ओर रवाना हुए हैं। यह टीम लगभग 30 ओपन-सोर्स विश्लेषकों की है जो सैन्य और सरकारी उड़ानों की निगरानी करती है। टीम ने क्षेत्र में 85 से अधिक ईंधन टैंकर और 170 से अधिक कार्गो विमानों की आवाजाही भी ट्रैक की है।

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