पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए नकदी निकालने की साप्ताहिक सीमा बढ़ाने से मना करने के बाद चुनाव आयोग की भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ठन गई है। बता दें कि नोटबंदी के बाद से कैश निकालने की एक सीमा तय है और चुनाव आयोग ने आरबीआई से उम्मीदवारों के लिए इस नियम में नरमी बरतकर साप्ताहिक सीमा 24,000 रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए करने का अनुरोध किया था जिसे रिज़र्व बैंक ने ख़ारिज कर दिया। आयोग का कहना था कि नोटबंदी के बाद लागू सीमा से उम्मीदवारों को अपने प्रचार का खर्च निकालने में कठिनाई होगी लेकिन रिज़र्व बैंक का कहना है कि इस स्तर पर सीमा बढ़ाना संभव नहीं है।
रिज़र्व बैंक के फ़ैसले से नाराज़ आयोग ने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को पत्र लिखकर इस मुद्दे से निपटने के तरीके पर गंभीर चिंता प्रकट की है। चुनाव आयोग ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि आरबीआई को स्थिति की गंभीरता का एहसास नहीं है। आयोग ने कहा है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करना आयोग का संवैधानिक अधिकार है और उचित तरीके से चुनाव कराने के लिए जरूरी है कि आयोग के दिशानिर्देशों का पालन किया जाए।’ आयोग ने रिजर्व बैंक से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
24 जनवरी को चुनाव आयोग ने केंद्रीय बैंक से यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के उम्मीदवारों के लिए एक हफ्ते में पैसे निकालने की सीमा 24 हजार से 2 लाख रुपए करने के लिए कहा था।
ग़ौरतलब है कि 8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद से आरबीआई पैसे निकालने के नियमों में कई बदलाव कर चुका है। वर्तमान में सेविंग अकाउंट के लिए एक दिन में एटीएम से अधिकतम 10 हजार रुपए और बैंक से 24 हजार रुपए (एक हफ्ते में भी अधिकतम) निकाल सकते हैं, वहीं करंट अकाउंट से 1 लाख रुपए निकाल सकते हैं।