नई दिल्ली: इंडिया टीवी के लोकप्रिय शो आप की अदालत में इस बार के मेहमान जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा थे। उन्होंने जनता के सवालों के खुलकर जवाब दिए। शो के दौरान मनोज सिन्हा से पूछा गया कि जब आप मंत्री बने तो आपने अपने बेटे की नौकरी क्यों छुड़वाई? तो उन्होंने इसकी वजह जनता को बताई।
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मनोज सिन्हा ने बताई वजह
मनोज सिन्हा ने बताया, "मेरे बेटे ने BIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वो हुआवे नाम की एक टेलीकॉम चाइनीज कंपनी में काम करता था। जिस दिन मैं कम्यूनिकेशन मंत्री बना तो मैंने रात में उसको कहा कि अब तुम्हें नौकरी छोड़ देना चाहिए। कोई दूसरी नौकरी करो क्योंकि ये कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट है। इसके बाद उसने रिजाइन करके अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी बनाई।"
मनोज सिन्हा से रजत शर्मा ने पूछा कि नॉर्मली पिता जब मंत्री बनता है तो उसके बेटे को रोजगार मिलता है। आपने अपने बेटे को बेरोजगार कर दिया? इस पर मनोज सिन्हा ने कहा, "मुझे लगता है कि मूल्यों, सिद्धांतों की जो राजनीति विद्यार्थी परिषद में सीखी थी, वो अंत तक पीछा छोड़ती नहीं है। इसलिए मुझे लगता है कि ये उचित भी है कि देश की राजनीति में या सामाजिक जीवन में कुछ मान्यताएं तो होनी चाहिए और आदर्श भी होने चाहिए।"
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ये भी बताया, "2014 में मुझे पहली बार पीएम मोदी ने रेल राज्य मंत्री के रूप में काम करने का अवसर दिया। मुझे लगता है कि मेरा उस समय तक उतना परिचय पीएम मोदी के साथ नहीं था। अमित शाह यूपी का काम देख रहे थे। तो चुनाव के दौरान उनका आना-जाना काफी था। राजनाथ सिंह पार्टी के अध्यक्ष थे। उनसे मेरा पहले से संपर्क था। अरुण जेटली विद्यार्थी परिषद के दिनों से मुझे जानते थे। वे बराबर मदद भी करते थे और मार्गदर्शन भी करते थे।"