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विपक्ष के सभी सांसदों को 30 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया गया, क्या है इसका मकसद?

 Reported By: Vijai Laxmi,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Oct 27, 2026 11:15 pm IST,  Updated : Oct 27, 2026 11:15 pm IST

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 1 नवंबर को रैली होने वाली है। इस रैली में विपक्ष के करीब-करीब सभी नेता मौजूद हो सकते हैं। वहीं, इस रैली से पहले सभी विपक्षी सांसदों को 30 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया गया है।

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विपक्षी सांसदों को दिल्ली बुलाया गया। (सांकेतिक फोटो) Image Source : PTI

राहुल गांधी के नेतृत्व में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR के खिलाफ विपक्ष की रैली होने जा रही है। विपक्ष की ओर से राजस्थान से, हरियाणा से, उत्तर प्रेदश से कांग्रेस के कैडर को मोबलाइज किया जा रहा है। हर जिले से 10 हजार कार्यकर्ताओं को लाने का टारगेट रखा गया है। कांग्रेस की अगुवाई में पूरा इंडी गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल महारैली के जरिए अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। इस रैली में इंडिया ब्लॉक की सभी पार्टियां शामिल हो रही हैं। विपक्ष का दावा है कि इस रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे। वहीं, अब खबर सामने आई है कि विपक्ष के सभी सांसदों को 30 अक्तूबर को 1 बजे से पहले दिल्ली पहुंचने को कहा गया है।

सांसदों को दिल्ली क्यों बुलाया गया?

सामने आई जानकारी के अनुसार, विपक्ष के सभी सांसदों को 30 तारीख को एक बजे से पहले दिल्ली पहुंचने को कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर मॉक पार्लियामेंट हो सकती है, जिसमें चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को इंपीच करने की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, पहले कांग्रेस की तरफ से अशोका होटल के लिए परमिशन मांगी गई थी जो दिल्ली पुलिस ने नहीं दी।

1 नवंबर की रैली को सख्त शर्तों के साथ इजाजत

रामलीला मैदान में कांग्रेस की 1 नवंबर को होने वाली रैली को दिल्ली पुलिस ने सख्त शर्तों के साथ इजाजत दे दी है। दिल्ली पुलिस ने जो लेटर जारी किया है उसके मुताबिक, हर हाल में शाम 5 बजे तक रैली खत्म करनी होगी। एंट्री-एग्जिट, मंच पर बैठने की जगहों के पास हाई डिफिनिशन CCTV कैमरे लगाने होंगे, रामलीला मैदान से बाहर किसी मार्च की परमिशन नहीं होगी। इसके अलावा भड़काऊ भाषण पर तुरंत कार्रवाई की भी बात कही गई है। वहीं, आयोजकों को कार्यक्रम की पूरी जानकारी पहले ही देनी होगी।

10 लाख लोगों के आने का दावा

आपको बता दें कि राम लीला मैदान की क्षमता 50 हजार लोगों की है लेकिन कांग्रेस 10 लाख लोगों के आने का दावा कर रही है। दिल्ली से सटी हुए लोकसभा क्षेत्रों को 20 हजार लोग लाने का लक्ष्य दिया गया है। हर लोकसभा में पर्यवेक्षक भेजे गए है। एक रात पहले ही लगभग 30 हजार लोग दिल्ली पहुच जाएंगे। उनके रहने का इंतजाम किया जा रहा है।

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