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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के बेटे को क्यों पढ़नी पड़ी हनुमान चालीसा? जानें वजह

 Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Aug 08, 2023 05:11 pm IST,  Updated : Aug 08, 2023 05:11 pm IST

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में उस वक्त हनुमान चालीसा पढ़ी, जब एक विपक्षी सदस्य ने यह सवाल कर दिया कि क्या उन्हें हनुमान चालीसा याद है।

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे Image Source : LOKSABHA

नई दिल्ली: शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उस समय हनुमान चालीसा के कुछ अंश पढ़े, जब एक विपक्षी सदस्य ने यह सवाल कर दिया कि क्या उन्हें हनुमान चालीसा याद है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए शिंदे ने कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रव़ादी कांग्रेस पार्टी के ‘महा विकास आघाड़ी’ और इस गठबंधन की पूर्ववर्ती सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पढ़ने पर भी रोक थी। इस दौरान किसी विपक्षी सदस्य ने श्रीकांत शिंदे से कहा, ‘‘क्या आपको हनुमान चालीसा याद है?’’ 

फिर शिंदे ने फौरन हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलने वाले लोग हैं, हिंदुत्व पर चलने वाले लोग हैं।’’ श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘2024 में देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी को जीत की हैट्रिक देने जा रही है।’’

उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा

श्रीकांत शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा और दावा किया कि विपक्षी दलों को ‘संप्रग’ नाम से शर्म आती है, इसलिए उन्होंने अपने गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ गठबंधन कर दिया। शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘महाराष्ट्र में ढाई साल में ढाई दिन ‘मंत्रालय’ जाने का रिकॉर्ड हमारे मुख्यमंत्री ने बनाया था।’’ 

शिंदे के बयान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत ने कहा कि ‘‘अभी एक सदस्य हिंदुत्व की बात कर रहे थे। हिंदू धर्म में भगोड़े नहीं होते।’’ उन्होंने कहा कि शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे कहते थे कि ‘हिंदू वह नहीं होता जो मंदिर की घंटी बजाता हो, हिंदू वह होता है जो आतंकवादियों को मार गिराने की बात करे।’’ (इनपुट: भाषा)

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