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तमिलनाडु में पैदा होते ही हर बच्चे के सिर पर ₹1.28 लाख का कर्ज, विजय सरकार का बड़ा खुलासा

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jun 16, 2026 11:52 pm IST,  Updated : Jun 16, 2026 11:55 pm IST

रिपोर्ट में बताया गया है कि पांच साल पहले तमिलनाडु पर करीब 4.8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय- India TV Hindi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय Image Source : PTI

तमिलनाडु की नई सरकार ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर एक 'श्वेत पत्र' जारी किया है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली इस नई सरकार के वित्त मंत्री, एन. मैरी विल्सन ने बताया कि राज्य इस समय भारी कर्ज के संकट से जूझ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर बच्चे पर अब औसतन 1.28 लाख रुपये का कर्ज है।

5 साल में दोगुना से ज्यादा बढ़ा कर्ज

इस रिपोर्ट में पिछली एम.के. स्टालिन सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल पहले राज्य पर करीब 4.8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यदि अन्य सभी तरह के छोटे-बड़े सरकारी कर्जों और गारंटियों को मिला दिया जाए, तो राज्य पर कुल बोझ 13.18 लाख करोड़ रुपये बैठता है।

वित्त मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले 5 सालों में सरकार ने उतना कर्ज ले लिया, जितना बीते 60 सालों में भी नहीं लिया गया था। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इस पैसे का इस्तेमाल विकास कार्य या नए इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे- सड़क, अस्पताल, स्कूल बनाने के बजाय रोजमर्रा के सरकारी खर्चों को पूरा करने में किया गया।

सरकारी खजाने की हालत

  • सरकार जो भी ₹1 कमाती है, उसमें से 22.8 पैसे तो सिर्फ पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में ही चले जाते हैं।
  • राज्य का घाटा 46,538 करोड़ रुपये से बढ़कर 78,324 करोड़ रुपये हो गया है। यानी कमाई कम हो रही है और खर्चे तेजी से बढ़ रहे हैं।
  • टैक्स से होने वाली कमाई में केवल 5.45% की बढ़ोतरी हुई है, जो राज्य के बढ़ते खर्चों के सामने बहुत कम है।

दूसरे राज्यों से तुलना

राज्य कर्ज का प्रतिशत (GSDP के मुकाबले)

  • गुजरात 17.6%
  • महाराष्ट्र 19.7%
  • कर्नाटक 23.4%
  • तमिलनाडु 28.3%

क्या कहना है विपक्ष का?

पिछले महीने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय सरकार का यह पहला बड़ा कदम है। हालांकि, रिपोर्ट सामने आने से पहले ही डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि तमिलनाडु पर कर्ज तय सीमा के भीतर ही है। उन्होंने दावा किया था कि राज्य के पास पैसों की कोई कमी नहीं है, बस सही से सरकार चलाने की नीयत होनी चाहिए। फिलहाल, इस नई रिपोर्ट के जारी होने के बाद डीएमके की तरफ से कोई नया बयान नहीं आया है।

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