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भाजपा से नाता तोड़ खनन माफिया जनार्दन रेड्डी ने बनाई खुद की पार्टी, कर्नाटक में अकेले लड़ेगें चुनाव

 Edited By: Pankaj Yadav
 Published : Dec 25, 2022 08:44 pm IST,  Updated : Dec 25, 2022 08:44 pm IST

कर्नाटक के पूर्व मंत्री और खनन कारोबारी जी जनार्दन रेड्डी ने कर्नाटक चुनाव से पहले अपनी खुद की पार्टी बना ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम 'कल्याण राज्य प्रगति पक्ष' रखा है।

जी. जनार्दन रेड्डी- India TV Hindi
जी. जनार्दन रेड्डी

कर्नाटक के पूर्व मंत्री और खनन कारोबारी जी जनार्दन रेड्डी ने कर्नाटक चुनाव से पहले अपनी खुद की पार्टी बना ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम 'कल्याण राज्य प्रगति पक्ष' रखा है। बता दें कि जी.जनार्दन रेड्डी ने अभी हाल में ही भाजपा से नाता तोड़ लिया था। जिसके बाद उनके अगले चाल को लेकर राजनीतिक दलों में काफी सस्पेंस बना हुआ था कि आखिर वह आगे क्या करेंगे? किस पार्टी को ज्वाइन करेंगे। लेकिन आज जी जनार्दन रेड्डी ने उन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए अपने नई पार्टी का ऐलान कर दिया। अगले साल होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वह अपनी नई पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी एलान किया कि वह कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती से 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। 

कर्नाटक के लोगों की सेवा करना ही मेरा उद्देश्य है - जी जनार्दन रेड्डी

जनार्दन रेड्डी ने अपने इस फैसले को एक नया पॉलिटिकल स्टंट बताया है। उन्होंने कहा, ‘आज मैं अपनी पार्टी 'कल्याण राज्य प्रगति पक्ष' की घोषणा कर रहा हूं। जो मेरी अपनी सोच के साथ, बासवन्ना (12वीं शताब्दी के समाज सुधारक) की सोच के साथ, धर्म और जाति के नाम पर विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनकी योजना कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के लोगों की सेवा करने की है, जिसमें राज्य के सात जिले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल पार्टियों के लिए राज्य के लोगों को बांट कर वोट बटोरना आसान नहीं है क्योंकि यहां के लोग हमेशा एकजुट रहे हैं। 

जी.जनार्दन रेड्डी ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था।
Image Source : INDIATVजी.जनार्दन रेड्डी ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था।

भाजपा कर रही थी नजरअंदाज

जनार्दन रेड्डी के खनन घोटाले में फंसने के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से साइडलाइन कर दिया था। रेड्डी को इस मामले में जेल भी हुई और उनके गृह जिले बेल्लारी में उनके प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। पिछले विधानसभा 2018 के चुनावों में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि ‘भाजपा का जनार्दन रेड्डी से कोई लेना-देना नहीं है’।

नई पहल में मैं कभी असफल नहीं हुआ

पत्रकारों से चर्चा करते हुए जनार्न रेड्डी ने कहा कि आने वाले दिनों में वह पार्टी को संगठित और लोगों के साथ अपने विचार साझा करने के लिए राज्य भर में यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने जीवन में अब तक किसी भी नई पहल में कभी असफल नहीं हुआ। मैं उनमें से हूं जिसने कभी हार नहीं मानी। इसलिए 'कल्याण राज्य प्रगति पक्ष' के साथ लोगों के बीच जाकर मैं उनका आशीर्वाद पाने को लेकर आश्वस्त हूं और भविष्य में कर्नाटक के कल्याणकारी राज्य बनने में कोई संदेह नहीं है’। 

भाजपा के लिए आसान नहीं होगा विधानसभा चुनाव 2023 का सफर 

जनार्दन रेड्डी के नई पार्टी के गठन से राज्य में सत्ता पर काबिज भाजपा के सामने फिर से वापसी करना मुश्किल होगा। पॉलिटिकल ऑब्जर्वर का मानना है कि जनार्दन रेड्डी के अपनी पार्टी शुरू करने से कम से कम 20 विधानसभा सीटों पर भाजपा के जीतने की संभावना कम हो गई है। खैर भाजपा के सामने यह एक बड़ा पेंचों-पेंच फंसा हुआ है कि आखिर अगले चुनाव में अपने वोट प्रतिशत को कैसे बढ़ाया जाए अब चूकि राज्य में एक और नई पार्टी आ गई है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 2023 के अप्रैल-मई में होने की संभावना है। 

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