1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. Hemant Soren : राज्यपाल के फैसले पर निगाहें, सीएम आवास पर UPA विधायकों की बैठक

Hemant Soren : राज्यपाल के फैसले पर निगाहें, सीएम आवास पर UPA विधायकों की बैठक

 Reported By: Vijai Laxmi Edited By: Niraj Kumar
 Published : Aug 27, 2022 12:08 pm IST,  Updated : Aug 27, 2022 01:47 pm IST

Hemant Soren : यह बैठक मुख्यमंत्री आवास में 11 बजे से शुरू हो चुकी है। इस बैठक में यूपीए के सभी विधायक मौजूद

Hemant Soren- India TV Hindi
Hemant Soren Image Source : PTI

Hemant Soren : झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज फिर विधायकों की एक बैठक बुलाई है। झारखंड विधानसभा से मुख्यमंत्री सोरेन की सदस्यता जाने के बाद आगे की संभावनाओं की तलाश के लिए यह बैठक बुलाई गई है। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास में 11 बजे से शुरू हो चुकी है। इस बैठक में यूपीए के सभी विधायक मौजूद रहेंगे। इन विधायकों ने शुक्रवार सुबह और शाम को मैराथन बैठकें की थीं।

राज्यपाल आज अपना आदेश चुनाव आयोग को भेज सकते हैं

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विधायक पद के अयोग्य ठहराने का आदेश आज चुनाव आयोग को भेज सकते हैं। सोरेन की विधानसभा सदस्यता माइनिंग लीज के मामले के कारण अधर में लटकी हुई है। माइनिंग लीज आवंटन के मामले में चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट गवर्नर को भेज दी है। इस रिपोर्ट में हेमंत सोरेन को विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराया गया है और उनकी विधानसभा की सदस्यता रदद् करने की सिफारिश की गई है। 

सरकार को कोई खतरा न हो इसकी पूरी रणनीति बनाई जा रही है

सत्तारूढ़ गठबंधन के सूत्रों ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है कि सरकार को कोई खतरा नहीं हो। झामुमो के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में एक महत्वपूर्ण सहयोगी कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने कहा था कि पश्चिम बंगाल, बिहार या छत्तीसगढ़ जैसे ‘‘मित्र राज्य’’ में एक रिसॉर्ट में विधायकों को रखा जाएगा ताकि बीजेपी  उन्हें अपने जाल में नहीं फंसा पाए। हालांकि, उन्होंने कहा कि सोरेन की विधायक के रूप में संभावित अयोग्यता पर निर्वाचन आयोग की राय के बारे में राज्यपाल द्वारा उन्हें सूचित करने के बाद भविष्य की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है। 

परेशान करने की कोशिश की जा रही है-हेमंत सोरेन

शुक्रवार को लातेहार में सोरेन ने केंद्र पर निशाना साधते हुए सभी संवैधानिक एजेंसियों को ‘लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने’ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘शैतानी ताकतें’ बुरे मंसूबों को अंजाम देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ‘जब मैंने राज्य के लिए लंबित 1.36 लाख करोड़ रुपये का वैध बकाया मांगा, तो केंद्र ने मेरे खिलाफ सभी एजेंसी को लगा दिया। जब उन्होंने देखा कि वे मुझे नुकसान नहीं पहुंचा सकते, तो वे मुझ पर शिकंजा कसने के लिए ‘गुरुजी’ (शिबू सोरेन) को परेशान करने की कोशिश करने लगे।’ 

विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 49 विधायक

झारखंड में 81 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 49 विधायक हैं। सबसे बड़ी पार्टी झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद का एक विधायक हैं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदन में 26 विधायक हैं। गठबंधन सहयोगियों ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि सरकार को कोई खतरा नहीं है। झामुमो ने विश्वास जताया था कि सोरेन 2024 तक पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत