शिमलाः हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (CPS) नीरज भारती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा को भेज दिया है।
नीरज भारती का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार पार्टी और सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस के बाद उनके इस कदम ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
अपने त्यागपत्र में नीरज भारती ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार उन समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए दिन-रात मेहनत की थी।
भारती ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित, अनसुना और हाशिए पर महसूस कर रहे हैं उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति समर्पण और संघर्ष के बावजूद कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान और भागीदारी नहीं मिल रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू के खिलाफ खोला मोर्चा
इस्तीफे के बाद नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू समेत पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बंद कमरों में उनकी बात नहीं सुनी गई, इसलिए उन्हें अपनी बात सार्वजनिक मंच पर रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।
कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के बेटे हैं नीरज भारती
राजनीतिक रूप से यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नीरज भारती प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के पुत्र हैं और स्वयं भी कांग्रेस सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। नीरज भारती के इस्तीफे ने कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही असंतोष की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजरें पार्टी हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व की अगली रणनीति पर टिकी हैं।
रिपोर्ट- कपिल ठाकुर