नई दिल्लीः ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने पीएम मोदी से कई सवाल पूछे।
राहुल गांधी ने कहा कि जब भी मैं सेना के किसी व्यक्ति से मिलता हूं और हाथ मिलाता हूं तो मुझे पता लग जाता है कि ये टाइगर है, इसको हिलाया नहीं जा सकता। ये देश के लिए मर-मिटने को तैयार है। टाइगर को आप बांध नहीं सकते हैं, अगर आपको उनसे सच्चा काम लेना है, तो आपको पूरी छूट देनी होगी।
अगर नरेंद्र मोदी में इंदिरा गांधी जैसी 50% भी हिम्मत है तो सदन में बोल दें कि ट्रंप सीजफायर को लेकर झूठ बोल रहे हैं।
पहलगाम आतंकी घटना होने के बाद मैं करनाल में नरवाल जी के घर गया। उनके बेटे नेवी में थे और वो CRPF में थे। मुझे ऐसा लगा कि मैं अपने परिवार के साथ बैठा हूं। उन्होंने अपने बेटे का फोटो एल्बम दिखाया, उसके बारे में बताया कि वो बहुत हंसी-मजाक करता था। बहन ने कहा- मैं दरवाजे की ओर देखती हूं, लेकिन मेरा भाई नहीं आता है और कभी नहीं आएगा। उसके बाद मैं यूपी में एक और परिवार से मिला, जिसमें पति को पत्नी के सामने गोली मार दी गई थी। ये देखकर हर हिंदुस्तानी को दर्द होता है, दुख होता है। जो हुआ, बहुत गलत हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में 1971 और 'ऑपरेशन सिंदूर' की तुलना की। मैं उनको याद दिलाना चाहता हूं कि 1971 में Political will थी। अमेरिका का सातवां बेड़ा आ रहा था, लेकिन उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने कहा- हमें बांग्लादेश में जो करना है, हम करेंगे। जनरल मानेकशॉ ने इंदिरा गांधी जी से कहा मैं अभी ऑपरेशन नहीं करूंगा, मुझे 6 महीने चाहिए। इंदिरा जी ने उन्हें ऐसा करने की पूरी स्वतंत्रता दी। इंदिरा जी ने कहा- आपको जितना भी समय चाहिए, आप लीजिए। आपके पास फ्रीडम ऑफ एक्शन होना चाहिए। इसी के बाद एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया और एक नया देश बना।
एक नया शब्द चला है- 'New Normal'। विदेश मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि सभी देशों ने आतंकवाद की निंदा की। ये सच है कि कई देशों ने आतंकवाद की निंदा की, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पहलगाम के बाद एक भी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की। इसका मतलब है कि दुनिया, भारत को पाकिस्तान के साथ खड़ा कर रही है। जबकि UPA सरकार के समय आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया पाकिस्तान की निंदा करती थी।
पाकिस्तान की सरकार को क्यों कहा गया कि न हम आपके आर्मी इंफ्रास्ट्रक्चर को अटैक करेंगे, न ही एयर डिफेंस को अटैक करेंगे। हम आगे जंग नहीं चाहते। मतलब पाकिस्तान से कहा गया कि हमने तुम्हें एक थप्पड़ मारा है, लेकिन दूसरा थप्पड़ नहीं मारेंगे? आखिर क्यों? क्योंकि इस पूरे एक्शन का मकसद था कि नरेंद्र मोदी की छवि बचाई जाए।
संपादक की पसंद