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राहुल गांधी का दावा-''पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बेरहमी से पीटा, छात्रा की एक कान से सुनने की क्षमता चली गई''

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Oct 14, 2026 02:40 pm IST,  Updated : Oct 14, 2026 02:56 pm IST

घायल छात्रों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों से बर्बरता की, सबको सजा दिलाई जाएगी।

प्रदर्शन में घायल छात्रों के साथ राहुल गांधी- India TV Hindi
प्रदर्शन में घायल छात्रों के साथ राहुल गांधी Image Source : PTI

नई दिल्लीः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने NSUI (कांग्रेस की छात्र शाखा) के कार्यकर्ताओं और एक अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इन लोगों को CEC ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि केरल की एक महिला प्रदर्शनकारी के एक कान की सुनने की क्षमता पुलिस की कथित पिटाई के कारण चली गई।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केरल की अथिरा के एक कान ने सुनना बंद कर दिया है। वह अब एक कान से सुन नहीं सकती। पिछली बार मैंने आपको एक लड़का दिखाया था जो अंधा हो गया था। अब, एक लड़की एक कान से बहरी हो गई है। 

छात्रा ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

अथिरा ने मीडिया से कहा कि मैं केरल से हूं, दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ रही हूं। कल, जब पुलिस ने हमें हिरासत में लिया, तो बस में कोई महिला पुलिस अधिकारी नहीं थी। इसलिए, मैंने बस पूछा, 'महिला पुलिस अधिकारी या महिला कांस्टेबल कहां है?' अगर वे हमें हिरासत में लेना चाहते हैं तो कम से कम एक महिला कांस्टेबल का मौजूद रहना अनिवार्य है। फिर, बस चली और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के सामने रुकी, जहां उन्होंने लगातार मेरे पूरे गाल पर वार किया। इसकी वजह से मेरी आंख पर चोट आई है और कान को नुकसान पहुंचा है। 

पुलिस ने मुझे थप्पड़ मारा, चेहरे और कान के पास खरोंच के निशान

वहीं एक प्रदर्शनकारी छात्रा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल ने उनके साथ मारपीट की। वह कहती हैं, "कल, सभी NSUI कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी हमें तीन बसों में हिरासत में ले लिया गया। हमारे कई साथी थे, हर बस में लगभग 30-40 लोग। हमारी बस में दो लड़कियां और 20-30 अन्य NSUI के साथी थे।

बस में चंचल यादव नाम की एक महिला कॉन्स्टेबल थीं। हिरासत में लिए जाने के बाद, हमने गेट से बस से उतरने और विरोध प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश की। हमने बस को रोकने की कोशिश की और उसके नीचे बैठ गए ताकि हमारा विरोध किसी तरह जारी रह सके। लेकिन चंचल ने मेरी गर्दन कसकर पकड़ी और मुझे धक्का दिया, जिससे मैं पीछे की ओर सीट पर गिर गई। फिर उन्होंने अपने नाखूनों से मेरे चेहरे पर खरोंचें मारीं, जिससे मेरे चेहरे और कान के पास खरोंच के निशान पड़ गए। जब ​​मैंने उनका विरोध किया, तो उन्होंने मुझे इतनी जोर से थप्पड़ मारा और कहा, 'लो, एक और थप्पड़ खाओ।'"

राहुल गांधी बोले- सबूत रखो, सजा दिलाएंगे

मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यहां न कोई हिंदू है, न मुसलमान, न किसी खास जाति का, न कोई महिला है, न पुरुष। यहां सिर्फ़ एक आवाज़ है, एक विरोध है। यह भारत की आवाज़ है और आप इस आवाज़ के ख़िलाफ़ खड़े हैं। जो पुलिस वाले हैं मैं उनको प्यार से कहना चाहता हूं, मैंने सारे छात्रों को कहा है कि वीडियो के साथ आप रिकॉर्ड रखें। मैं हर छात्र को कह रहा हूं कि सबूत रखें। सबूत हमारे पास भेजिए। जिनको सजा देनी होगी, सबको सजा देंगे। ज्ञानेश कुमार से लेकर नीचे तक, जो भी हवलदार बच्चों पर हाथ उठा रहा है आप उसका सबूत रखें।"

इनपुट- पीटीआई और एएनआई

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