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रामदास आठवले ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- उनका पासपोर्ट रद्द कर देना चाहिए

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Sep 18, 2024 06:40 am IST,  Updated : Sep 18, 2024 06:40 am IST

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पासपोर्ट को रद्द कर देना चाहिए ताकि विदेश यात्रा के दौरान भारत को बदनाम करने से राहुल गांधी को रोका जा सके।

Ramdas Athawale targeted Rahul Gandhi said his passport should be cancelled- India TV Hindi
रामदास आठवले ने राहुल गांधी पर साधा निशाना Image Source : FILE PHOTO

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को मांग की कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पासपोर्ट रद्द कर देना चाहिए ताकि उन्हें विदेश यात्राओं के दौरान भारत को ‘‘बदनाम’’ करने से रोका जा सके। सामाजिक न्याय राज्य मंत्री आठवले ने पालघर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी को "आरक्षण विरोधी" बयान देना शोभा नहीं देता। हाल की अमेरिका यात्रा के दौरान राहुल गांधी द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए आठवले ने कहा, ‘‘राहुल गांधी विदेश जाते हैं और इस तरह के बयान देकर भारत को बदनाम करते हैं। उन्हें इस तरह की टिप्पणी करने से रोकने के लिए उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाना चाहिए।’’ 

क्या बोलो रामदास आठवले

दलित नेता आठवले ने कहा कि कांग्रेस एक दिन खत्म हो जाएगी, लेकिन आरक्षण खत्म नहीं होगा। आठवले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अजित पवार के साथ गठबंधन करना महायुति (महागठबंधन) की संभावनाओं के लिए हानिकारक नहीं है। बता दें कि बीते दिनों अमेरिका गए राहुल गांधी ने कई कार्यक्रमों में भाग लिया था। इन कार्यक्रमों में राहुल गांधी ने कई बयान दिए। इस दौरान राहुल गांधी ने भाजपा, आरएसएस पर खूब निशाना साधा था।

राहुल गांधी को अश्विन वैष्णव की सलाह

राहुल गांधी के बयानों को लेकर मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "राहुल गांधी आज विपक्ष के नेता हैं और यह संवैधानिक पद है। यह जरूरी है कि देश के बारे में विदेश में या देश में रहकर, देश की नीतियों के बारे में ध्यान रखकर बोलना चाहिए। अगर जिम्मेदारी की पोस्ट में रहना है और उसे निभाना है तो उसपर मेहनत करना पड़ता है। अगर इन्हें जिम्मेदारी निभानी होती तो 10 वर्षों तक इनकी सरकार थी। किसी न किसी जिम्मेदारी को लेकर ये उसका निर्वहन करते। आरोप लगाना, झूठे प्रचार करना आसान है। लेकिन देश खी जो आकांक्षा है, उसके लिए मेहनत करके नीति, नियम का पालन करना जरूरी है।"

(इनपुट-भाषा)

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