Thrissur Assembly Election: केरल की त्रिशूर विधानसभा सीट इस बार राज्य की सबसे चर्चित और हॉट सीटों में से एक है। इस सीट में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (LDF), कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) और भाजपा के बीच सीधी त्रिकोणीय लड़ाई देखने को मिल रहा है। वामपंथी खेमे ने अलंकोडे लीलाकृष्णन को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने राजन पल्लन पर दांव खेला है। वहीं, भाजपा ने इस सीट को प्रतिष्ठा का सवाल बनाते हुए पद्मजा वेणुगोपाल को उम्मीदवार बनाया है, जो कि महिला हैं।
जानिए क्यों है त्रिशूर हॉट सीट?
त्रिशूर को केरल की सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है। यहां शहरी, मध्यवर्गीय और परंपरागत मतदाताओं का मिला-जुला प्रभाव है। यही वजह है कि यहां हर चुनाव में मुकाबला कड़ा रहता है। इस बार भाजपा ने भी पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
जातीय और राजनीतिक समीकरण
त्रिशूर विधानसभा सीट पर नायर, एझावा और ईसाई समुदाय के वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। सत्तारूढ़ वाम मोर्चा एलडीएफ को पारंपरिक वामपंथी वोट बैंक और मजदूर वर्ग का समर्थन मिलता है। यूडीएफ को ईसाई और अल्पसंख्यक वोटों का मजबूत आधार माना जाता है। भाजपा इस बार हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण और शहरी वोटर्स को साधने की कोशिश में है।
2021 के चुनावी रिजल्ट में बीजेपी रही तीसरे नंबर पर
2021 विधानसभा चुनाव के परिणाम की बात करें तो यहां से सीपीआई के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। CPI के पी. बालचंद्रन ने मात्र 946 वोटों (0.74%) के अंतर से जीत हासिल की थी। कांग्रेस उम्मीदवार पद्मजा वेणुगोपाल 43,317 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं थीं। BJP के सुरेश गोपी 40,457 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। अब स्थिति और पेचीदा हो गई है। बालचंद्रन मैदान में नहीं हैं। CPI ने सांस्कृतिक चेहरे लीलाकृष्णन को उतारा है, पद्मजा अब BJP के टिकट पर हैं। कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासनिक अनुभव वाले रजन पल्लन को मौका दिया है।
उम्मीदवारों की ताकत
अलंकोडे लीलाकृष्णन (CPI): संगठनात्मक पकड़ और वामपंथी कैडर का मजबूत समर्थन
राजन पल्लन (कांग्रेस): स्थानीय कनेक्ट और पारंपरिक वोट बैंक
पद्मजा वेणुगोपाल (BJP): मजबूत राजनीतिक परिवार से ताल्लुक, महिला उम्मीदवार और भाजपा की आक्रामक रणनीति
क्या है ग्राउंड रिपोर्ट ?
त्रिशूर में मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा है। एलडीएफ अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है, जबकि कांग्रेस वापसी की कोशिश में है। भाजपा यहां अपने वोट शेयर को बढ़ाकर चौंकाने की रणनीति पर काम कर रही है। कुल मिलाकर, त्रिशूर सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला चुनावी नतीजों को दिलचस्प बना सकता है और यह सीट केरल की राजनीति का रुख तय करने वाली साबित हो सकती है।