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हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे, 2 नामांकन पहले ही हो गए थे रद्द; BJP प्रदेश अध्यक्ष ने लिया उनका सर्टिफिकेट

 Written By: Khushbu Rawal
 Published : Nov 05, 2026 06:21 pm IST,  Updated : Nov 05, 2026 06:36 pm IST

मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को रिटर्निंग ऑफिसर ने निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। 2 प्रत्याशियों के नामांकन पहले ही खारिज हो गए थे। ऐसे में उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं बचा था।

hardeep singh puri- India TV Hindi
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी। Image Source : PTI

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उनके अलावा 2 अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्र मंगलवार को खारिज हो गए थे, जिसके बाद जिसके बाद हरदीप पुरी मैदान में अकेले बचे थे। उनका चुना जाना लगभग पहले से ही तय हो गया था। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के कई नेता मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे थे। पुरी के नाम की घोषणा के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनका सर्टिफिकेट लिया है।

नाम वापसी की गुरुवार (05 नवंबर)  को आखिरी तारीख थी। ऐसे में रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के अंतिम दिन निर्दलीय उम्मीदवार कांते सयन्ना और कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी के नामांकन पत्र खारिज हो गए थे।

हरदीप पुरी के नामांकन पत्र पर जताई थी आपत्ति

हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार 31 अक्तूबर को अपना नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई नेता मौजूद रहे थे। इस बीच, दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों और कांग्रेस नेता हेमंत कटारे ने पुरी के नामांकन पत्रों पर आपत्ति जताते हुए दावा किया कि उनके द्वारा दाखिल किया गया फॉर्म-26 में दिया गया हलफनामा अमान्य और अधूरा है।

निर्वाचन अधिकारी उमेश शर्मा ने आपत्तियों की जांच की और कहा कि पुरी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है। शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि पुरी के नामांकन पत्रों में कोई खामी नहीं पाई गई।

यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला- कांग्रेस

कटारे और कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा था कि वे इस आदेश के खिलाफ कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा, ''यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। इतनी महत्वपूर्ण खामियों के बावजूद नामांकन पत्र खारिज नहीं किया गया।''

एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट

राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। मौजूदा वक्त में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। उनका कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण राज्यसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार की जीत की राह आसान मानी जा रही थी।

बता दें कि राजनीति में आने से पहले हरदीप पुरी का करीब 39 साल का राजनयिक करियर रहा है। वह विदेश सेवा में कार्यरत थे। वे भारतीय विदेश सेवा के 1974 बैच के अधिकारी थे। वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में भी काम कर चुके हैं। फरवरी 2013 में 39 साल की सेवा के बाद विदेश सेवा से रिटायर हुए थे। हरदीप सिंह पुरी ने 2 जनवरी 2014 को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। 2014 में केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद उन्हें मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया।

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