1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. यूपी के कानपुर में कचरे की वजह से कुंवारे हैं युवा, तय हुई शादियां भी टूटीं

यूपी के कानपुर में कचरे की वजह से कुंवारे हैं युवा, तय हुई शादियां भी टूटीं

 Reported By: IANS
 Published : Nov 03, 2019 10:49 am IST,  Updated : Nov 03, 2019 10:49 am IST

देश में भले स्वच्छता का नारा बुलंद हो रहा हो, मगर उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के आस-पास के कई गांवों में कचरे ने बर्बादी ला दी है।

Kanpur, Kanpur Garbage, Kanpur Garbage Marriage, कानपुर गांव- India TV Hindi
यूपी के कानपुर में कचरे की वजह से कुंवारे हैं युवा, तय हुई शादियां भी टूटीं | Pixabay Representational

कानपुर: देश में भले स्वच्छता का नारा बुलंद हो रहा हो, मगर उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के आस-पास के कई गांवों में कचरे ने बर्बादी ला दी है। एक तरफ जहां कचरे से बीमारियां बढ़ रही हैं तो वहीं दूसरी ओर 'कुंवारा रोग' बढ़ता जा रहा है। इन गांवों में कुंवारों की संख्या संक्रमण रोग की तरह बढ़ रही है। कानपुर के पनकी पड़ाव, जमुई, बदुआपुर सरायमिता गांव में गंदगी का अंबार इतना है कि लोग अपनी बेटियों की शादी इन गांवों के लड़कों के साथ नहीं करना चाहते हैं। इन गांवों में कानपुर नगर निगम का सॉलिड वेस्टेज यहां से सटा हुआ है जिसकी वजह से गांव में गंदगी, दुर्गंध और बीमारियां फैली रहती हैं। इसके कारण कोई भी अपनी लड़की की शादी इन गांवों में नहीं करना चाहता है।

‘70 प्रतिशत लोग टीबी और दमा से ग्रसित’

बदुआपुर के संतोष राजपूत ने बताया कि यहां तालाब पाटकर कूड़ा प्लांट बना दिए गए हैं। यहां पर कई टन कूड़ा डम्प है। यहां गर्मियों में कोई नहीं रुकता क्योंकि यहां पर आग अपने आप पकड़ लेती है। यहां के 70 प्रतिशत लोग टीबी और दमा से ग्रसित हैं। बीमारी के कारण लगभग 5 सालों से यहां पर कोई शादी नहीं हो पा रही है। इसी वजह से नौजवानों का पलायन हो रहा है। अगर शादी होती भी है तो टूट जाती है। इसके आस-पास के गांव बनपुरूवा, कलकपुरवा, सुन्दर नगर, स्पात नगर यह सब तीन किलोमीटर के दायरे में हैं। सब लोग प्रदूषण और गंदगी की जद में रहने को मजबूर हैं।

‘यहां का वातारण देखकर शादी टूट गई’
इसी गांव की सोमवती का कहना है, ‘दमा और दुर्गन्ध वाली बीमारियां बहुत ज्यादा फैली हैं। मेरे भतीजे की शादी तय हो गई थी, लेकिन यहां का वातारण देखकर शादी टूट गई। हमारे गांव में कई सालों से कोई शहनाई नहीं बजी है। रिश्ते वाले तो गांव के लड़के देखने के लिए खूब आते हैं, लेकिन जब कूड़ा प्लांट, हवा और बीमारी का पता चलता है तो वापस हो जाते हैं।’ पनकी पड़ाव के रवि राजपूत का कहना है कानपुर नगर निगम का सॉलिड वेस्टेज कूड़ा प्लांट यहां आने के बाद से एक नहीं सौ बीमारियां फैली हुई है। इसी कारण आधे लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं। उन्होंने बताया, ‘पूरे शहर की गंदगी हमारे मत्थे मढ़ दी गई। कूड़ा प्लांट हमारे गांवों से सटा हुआ है। दरुगध की वजह से हमारा जीना मुहाल हो गया है और हम गंदी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।’

‘कोई शादी के लिए नहीं आ रहा है’
इसी गांव की केतकी का कहना है, ‘हमारे गांव में न तो लड़के न ही लड़कियों की शादी हो पा रही है। हमारे गांव में अभी 60 लड़के ऐसे हैं जो शादी के उम्र के हैं, लेकिन उनकी शादी नहीं हो पा रही है। जब से कूड़ा प्लांट आया है यहां पर कोई शादी नहीं हुई है।’ जमुई गांव के रमेश ने कहा, ‘हमारे यहां ज्यादातर नौजवान दमे और सांस की बीमारियों से ग्रसित हैं। मैं खुद दमे से पीड़ित हूं। पहले मुझे यह बीमारी नहीं थी, लेकिन इस कूड़े के प्लांट की दरुगध से मुझे यह बीमारी हो गई। मेरे बेटे की उम्र शादी की हो गई है लेकिन कोई शादी के लिए नहीं आ रहा है।’

अपर नगर आयुक्त ने दिया गोल-मोल जवाब
इस मामले में अपर नगर आयुक्त अमृत लाल बिनद ने गोल मोल जवाब देते हुए कहा कि कूड़ा वहां डंप होता है। उसे अन्य जगह पर शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे। इस पर तेजी से काम हो रहा है। बीमारियों से निपटने के लिए कैम्प लगाए जाते हैं। कानपुर की महापौर प्रमिला पाण्डेय ने कहा कि यह कूड़ा कई वर्षो से वहां डम्प हो रहा है। इसे खत्म करने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके लिए कुछ किया जाएगा।

Latest Uttar Pradesh News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत