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Kanpur Violence: कानपुर हिंसा मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, भीड़ को उकसाने और क्राउड फंडिंग का है आरोप

Kanpur Violence: गौरतलब है कि गत 3 जून को कानपुर में हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों और आम लोगों पर पत्थर बरसाने का मामला सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने इस हिंसा की जांच शुरू की और पाया कि यह हिंसा प्री प्लान्ड थी। जुमे की नमाज के बाद इकट्ठी हुई भीड़ को कानून व्यवस्था तोड़ने के लिए उकसाया गया था।

Sudhanshu Gaur Written By: Sudhanshu Gaur
Published on: July 05, 2022 11:40 IST
Hazi Vasi- India TV Hindi News
Image Source : ANI Hazi Vasi

Highlights

  • 3 जून को हुई हिंसा मामले में कार्रवाई कर रही है पुलिस
  • बेटे की गिरफ्तारी के बाद फरार हो गया था हाजी वसी
  • भीड़ को उकसाने और हिंसा के लिए क्राउड फंडिंग का है मामला

Kanpur Violence: शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस कडियां दर कडियां जोड़कर आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है। 3 जून को हुई हिंसा मामले में पहले ही इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जाने वाले हयात जफर हाशमी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से पुलिस ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां कर रही है। 

कानपुर पुलिस ने अब इसी हिंसा के लिए क्राउड फंडिंग के आरोपी बिल्डर हाजी वसी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया की, "कल रात लखनऊ में अमौसी हवाई अड्डे के पास ही मोहम्मद हाजी वसी के होने की मिली थी। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ़्तार किया गया। यह बेकनगंज थाना क्षेत्र में 3 जून को हुई घटना का प्रमुख अभियुक्त है। आरोपी से पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश करेंगे।"

आपको बता दें कि 3 जून को जुमे की नमाज के बाद बेकनगंज थाना क्षेत्र के नई सड़क इलाके में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने दो दिन पहले हाजी वसी के बेटे अब्दुल रहमान को भी गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पूछताछ में अब्दुल रहमान ने कई अहम राज खोले थे। उसकी निशानदेही पर अब गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है।

जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा 

गौरतलब है कि गत 3 जून को कानपुर में हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों और आम लोगों पर पत्थर बरसाने का मामला सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने इस हिंसा की जांच शुरू की और पाया कि यह हिंसा प्री प्लान्ड थी। जुमे की नमाज के बाद इकट्ठी हुई भीड़ को कानून व्यवस्था तोड़ने के लिए उकसाया गया था। 

इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जांच के क्रम में सामने आया कि बिल्डर हाजी वसी के बेटे अब्दुल रहमान ने हिंसक घटना को अंजाम देने में शामिल रहने का आरोप लगा है। हाजी वसी पर क्राउड फंडिंग कर हिंसक घटना के लिए पैसे जमा करने का है। 

बेटे की गिरफ्तारी के बाद फरार हो गया था हाजी वसी 

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद अब्दुल रहमान ने एसआईटी के सामने कानपुर में हुई 3 जून की हिंसा मामले में कई राज उगले थे। उसके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हुई थी। ऐसे में उसने अन्य सहयोगियों के नाम भी पुलिस के सामने उगले। इसके बाद रविवार की देर रात और सोमवार को भी कई इलाकों में छापेमारी की गई। बेटे की गिरफ्तारी के बाद आरोपी बिल्डर वसी फरार हो गया था।

पुलिस ने क्राउड फंडिंग में आरोपी बिल्डर हाजी वसी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। पुलिस ने लगातार छापेमारी कर उसके कई करीबियों को हिरासत में लिया। साउथ कमिश्नरेट थाने में वसी के करीबियों से पूछताछ हुई। इस पूछताछ में उसके ठिकाने का पता चला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस वसी से कई अहम राज उगलवा सकती है। क्राउड फंडिंग में फंडिंग करने वालों के नाम और पैसे कहां-कहां गए, यह सारी जानकारियां पुलिस उससे उगलवा सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना के बाद पुलिस को सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।

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