जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य लापता हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की खबरें आई हैं और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला रविवार को अपना दिल्ली दौरा बीच में ही समाप्त करके जम्मू लौट गए। उन्होंने पुंछ-राजौरी इलाके में आई भीषण बाढ़ और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश के अनुमान के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
अब्दुल्ला ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया तथा कर्मचारियों और आवश्यक सेवाओं की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा।
रविवार दोपहर जम्मू लौटे सीएम
सीएम अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली आए थे। सोमवार को उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि, भारी बारिश के कारण जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में बिगड़ते हालात को देखते हुए उन्हें दोपहर में जम्मू लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट में बताया कि उन्होंने लगातार बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने और पूरे जम्मू-कश्मीर में तैयारियों का जायजा लेने के लिए शाम छह बजे जम्मू के सिविल सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक चली। पोस्ट में कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के संभागीय आयुक्तों ने बैठक में मौजूदा स्थिति और मौसम से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।
जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की
सीएम अब्दुल्ला ने सभी जिलों में भोजन, दवा और पीने के पानी सहित आवश्यक आपूर्ति की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने, संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखने, आपातकालीन स्थितियों में तुरंत कार्रवाई करने और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों, सरकारी तंत्र और जरूरी सेवाओं को तैयार रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि उमर अब्दुल्ला ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल, प्रभावित परिवारों तक तुरंत पहुंचने, समय पर राहत और हर संभव मदद पहुंचाने के साथ-साथ जहां भी सड़क और बिजली सेवाएं बाधित हुई हैं, उन्हें जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
राजौरी में जलभराव
अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और प्रशासन को प्रभावित निवासियों को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। रात भर हुई भारी बारिश ने जम्मू संभाग के कई हिस्सों, खासकर पुंछ और राजौरी में तबाही मचाई, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लापता हैं, जबकि राजौरी शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और पुनर्वास के काम तेजी के साथ प्रभावी ढंग से किए जाएं।
तय समय पर ही होगा प्रदर्शन
उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर कहा कि वह जम्मू में जमीनी हालात पर खुद नजर रखेंगे। उन्होंने कहा, ''आज सुबह से ही मैं जम्मू के कुछ हिस्सों, खासकर राजौरी शहर और आसपास के इलाकों में बहुत तेज बारिश से पैदा हुए हालात पर बारीकी से नजर रख रहा हूं। मैं इस इलाके के स्थानीय विधायकों के संपर्क में हूं। हालात पल-पल बदल रहे हैं, लेकिन प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की कीमती जान को बचाना है। सरकार उन प्रभावित लोगों की मदद और सहायता के लिए हर संभव कोशिश करेगी, जिनकी संपत्ति को बारिश और अचानक आई बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में 20 जुलाई को दिल्ली में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें-
अमरनाथ के बाद अब वैष्णो देवी यात्रा भी स्थगित, खराब मौसम के चलते लिया फैसला
अमरनाथ यात्रा 19 जुलाई से अगले आदेश तक स्थगित, श्रद्धालुओं को बेस कैंप से आगे जाने की इजाजत नहीं