श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं, महबूबा मुफ्ती की अगुवाई वाली PDP सिर्फ 3 सीटों पर सिमट गई है। दक्षिण कश्मीर की बिजबेहरा सीट से पहली बार लड़े चुनाव में हारने वाली PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने मंगलवार को इस बात से इनकार किया कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ गठबंधन रहने के कारण हारी है। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता बशीर अहमद वीरी से उनकी हार के लिए कई कारण जिम्मेदार थे।
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‘इस बार घाटी के लोगों ने NC को मौका देने का फैसला किया’
PDP चीफ महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने कहा कि उन्होंने रिस्क उठाया था, लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं था। इसके पीछे कई कारण थे। हमारी पार्टी टूट गई थी, हमने नेशनल कॉन्फ्रेंस के हाथों अपनी सीटें खो दीं क्योंकि घाटी में लोग या तो NC या PDP को चुनते हैं। इस बार उन्होंने NC को मौका देने का फैसला किया और PDP के टूटने का फायदा NC को मिला।’
‘BJP से गठबंधन की वजह से नहीं हारे, पार्टी पर हमला हुआ था’
इल्तिजा ने कहा कि PDP को हार का सामना करना पड़ा और वह कश्मीर घाटी में केवल 3 सीट ही हासिल कर सकी, क्योंकि पार्टी पर 'हमला' हुआ था। उन्होंने कहा, ‘हमारे 25 विधायक, 2 राज्यसभा सांसद और कई मंत्री पार्टी से चले गए। उनके साथ ही हमारे कार्यकर्ता भी पार्टी छोड़कर चले गए। यह भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन के कारण नहीं हुआ। हमारी पार्टी पर हमला हुआ।’
2014 में बीजेपी और पीडीपी में चुनाव बाद हुआ था गठबंधन
बता दें कि जम्मू कश्मीर में 2014 के चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति उत्पन्न हो गई थी जिसके बाद सरकार बनाने के लिए PDP और BJP ने गठबंधन कर लिया था। अपनी चुनावी लड़ाई के बारे में बात करते हुए इल्तिजा ने कहा कि वह जानती थीं कि यह जोखिम भरा है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह दोबारा चुनावी मैदान में उतरेंगी, इल्तिजा ने कहा कि 5 साल का समय काफी लंबा होता है। इल्जिता को वीरी ने श्रीगुफवारा-बिजबेहरा सीट पर 9,770 मतों के अंतर से हराया है। (भाषा)