1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. महबूबा मुफ्ती का भाजपा पर तीखा हमला, कहा- वोट पाने के लिए कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को 'हथियार' के रूप में किया इस्तेमाल

महबूबा मुफ्ती का भाजपा पर तीखा हमला, कहा- वोट पाने के लिए कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को 'हथियार' के रूप में किया इस्तेमाल

 Published : Apr 09, 2024 07:02 pm IST,  Updated : Apr 09, 2024 07:38 pm IST

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने कश्मीरी पंडितों को न केवल वोट बैंक के रूप में बल्कि हथियार के रूप में भी इस्तेमाल किया।

PDP की चीफ महबूबा मुफ्ती- India TV Hindi
PDP की चीफ महबूबा मुफ्ती Image Source : PTI(FILE)

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देश के सियासी गलियारों में अभी बेहद तेज हलचल है। इस बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी PDP की चीफ महबूबा मुफ्ती का एक बयान सामने आया है। पीडीपी चीफ ने अपने बयान में बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कश्मीरी पंडितों की पीड़ा एवं उनके दुख-दर्द को देशभर में वोट पाने के लिए ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया। पीपीडी अध्यक्ष ने बयान कश्मीरी पंडित रौशन लाल के घर का दौरा करने के दौरान दिया। रोशन लाल एक फोट जर्नलिस्ट थे, जिनकी पिछले महीने मौत हो गई।  

"पंडित समुदाय के अपने इतने वोट नहीं हैं"

पीपीडी अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि "भाजपा ने कश्मीरी पंडितों को न केवल वोट बैंक के रूप में बल्कि हथियार के रूप में भी इस्तेमाल किया। उसने कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और फिर उस हथियार का इस्तेमाल दूसरों के वोट हासिल करने में किया।" उन्होंने कहा, "पंडित समुदाय के अपने इतने वोट नहीं हैं, लेकिन भाजपा ने उनके वास्ते कुछ किए बिना ही, उनकी पीड़ा और दुख-दर्द का इस्तेमाल किया तथा वह उनके नाम पर वोट हासिल करने निकल पड़ी।"

"...तब से वे कश्मीरी पंडित भी चले गए जो यहां रहते थे"

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब से भाजपा नीत केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में प्रत्यक्ष रूप से प्रशासन चलाने लगी है तब से वे कश्मीरी पंडित भी चले गए जो यहां रहा करते थे क्योंकि स्थिति ही ऐसी हो गई। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि लाल उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के घनिष्ठ मित्र थे और कुछ फिल्मों में दिखायी गयी स्थिति के बावजूद घाटी में रहते थे। महबूबा मुफ्ती ने फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "देशभर में कश्मीरियों को बदनाम किया जाता है, उनके बारे में फिल्में बनाई जाती हैं। मैं सोचती हूं कि भाईचारा के बीच लाल का यहां रहना इन फिल्मों को जवाब है। लाल के निधन पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। यह भाईचारा का सबसे बड़ा उदाहरण है।" 

"हिंदू समुदाय के लिए एक सबक"

पीडीपी चीफ ने कहा कि ‘बड़ी मुश्किल स्थिति’ में घाटी में लाल का रहना देश के हिंदू समुदाय के लिए एक सबक है। उन्होंने कहा, "देश में क्या हो रहा है। जिस तरह हमारे समुदाय के लोगों की भीड़ द्वारा पिटाई की जाती है, उनकी हत्या कर दी जाती है, हमारी मस्जिदों और मदरसों को गिराया जाता है, घरों को तोड़ा जाता है। हमारे देश के लोग, हमारे हिंदू भाई धर्मनिरपेक्ष हैं। वे इसमें यकीन नहीं करते हैं, यह उनके लिए सबक है कि लाल बड़े मुश्किल दौर में यहां रहे तथा मुसलमान एवं हिंदू यहां उसी तरह रहने को तैयार हैं जिस तरह वे रहा करते थे।" 

"यहां बसने के लिए किसी से मदद की जरूरत नहीं है"

घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी की चर्चा करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि समुदाय को किसी सरकार की मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे कश्मीरी पंडित भाई-बहन जम्मू या अन्य जगह पर बड़ी मुश्किल स्थितियों में रह रहे हैं, मैं समझती हूं कि उन्हें यहां बसने के लिए किसी से मदद की जरूरत नहीं है, वह चाहे BJP की सरकार हो या महबूबा मुफ्ती की या किसी अन्य की। कश्मीर के लोग चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित लौटें।"

ये भी पढ़ें- कश्मीर में इस तारीख से बदल जाएगी स्कूल टाइमिंग, आदेश जारी; यहां जानें डिटेल

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।