1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. 'नेशनल कॉन्फ्रेंस न तो कभी टूटी है और न ही कभी टूट सकती है', फारूक अब्दुल्ला पार्टी में बगावत की खबरों पर बोले

'नेशनल कॉन्फ्रेंस न तो कभी टूटी है और न ही कभी टूट सकती है', फारूक अब्दुल्ला पार्टी में बगावत की खबरों पर बोले

 Reported By: Manzoor Mir,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Nov 06, 2026 02:18 pm IST,  Updated : Nov 06, 2026 02:22 pm IST

जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर बगावत की खबर बीते कई दिनों से सामने आ रही है। ऐसे में पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इस मुद्दे को सुलझाने की कमान संभाल ली है। फारूक अब्दुल्ला ने नाराज विधायकों संग बैठक की और कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस कभी नहीं टूटेगी।

National Conference rebellion Farooq Abdullah - India TV Hindi
फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी में बगावत को नकारा। Image Source : PTI

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बीते कई दिनों से हलचल हो रही है। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस में बार-बार बगावत की खबर सामने आ रही है। ऐसे में फारूक अब्दुल्ला ने अब खुद आगे आकर मुद्दे को संभालने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के करीब 18 नाराज विधायकों के एक समूह ने पार्टी के कामकाज और हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार को लेकर अपनी मांगें रखने के लिए श्रीनगर में पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की है। फारूक अब्दुल्ला के आवास पर हुई यह बंद कमरे की बैठक, संकट शुरू होने के बाद से बागी गुट और शीर्ष नेतृत्व के बीच पहली आमने-सामने की बातचीत है। उन्होंने भी पार्टी या वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला के बजाय सीधे उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा है।

क्यों हुआ पार्टी में विवाद?

आपको बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों की यह नाराजगी 27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार के कारण पैदा हुई है, जिसमें चार नए मंत्रियों को शामिल किया गया, जबकि NC के कई वरिष्ठ और मध्यम स्तर के विधायकों को लगा कि उन्हें दरकिनार कर दिया गया है और उनसे कोई सलाह नहीं ली गई। इन विधायकों ने एक एकजुट रुख अपनाने के लिए कई बार बंद कमरे में बैठकें की हैं। इनमें लोलाब के विधायक कैसर जमशेद लोन, गुरेज के विधायक नजीर अहमद खान गुरेजी और पम्पोर के विधायक जस्टिस (रिटायर्ड) हसनैन मसूदी के आवास पर हुई बैठकें शामिल हैं। उनका कहना है कि वे पार्टी को तोड़ना नहीं चाहते, बल्कि सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा हाल ही में सांसद रूहुल्लाह के इस्तीफे ने इस संकट को और गहरा कर दिया है।

बागी गुट में कौन-कौन?

नेशनल कॉन्फ्रेंस में बागी गुट के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं- जस्टिस (रिटायर्ड) हसनैन मसूदी (पम्पोर), नजीर अहमद खान गुरेजी (गुरेज), मुबारक गुल (ईदगाह - जो छह बार विधायक रहे हैं और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष भी हैं), अब्दुल मजीद लारमी (अनंतनाग वेस्ट) और कैसर जमशेद लोन (लोलाब)। इन बैठकों में शामिल अन्य विधायकों में गुलाम मोहिउद्दीन मीर (राजपोरा), हिलाल अकबर लोन (सोनावारी), बशीर अहमद वीरी (बिजबेहरा), पीरजादा फारूक अहमद शाह (तंगमर्ग), सज्जाद शफी (उरी), एजाज अहमद जान (पुंछ हवेली), जावेद इकबाल चौधरी (बुधल), अर्जुन सिंह राजू (रामबन), खुर्शीद अहमद (गुलाबगढ़), सैफुद्दीन भट (खान साहिब) और निर्दलीय विधायक मुजफ्फर इकबाल खान (थानामंडी) शामिल हैं। 

समूह की मुख्य मांगें, जिन्हें एक ज्ञापन के जरिए सौंपा गया है, इस प्रकार हैं-:

  1. मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को तुरंत हटाया जाए। समूह का आरोप है कि उन्हीं की वजह से पार्टी नेतृत्व, चुने हुए प्रतिनिधियों और सरकार के बीच दूरियां बढ़ रही हैं।
  2. खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को बदला जाए और व्यापक विचार-विमर्श के जरिए मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की नए सिरे से समीक्षा की जाए।
  3. उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर कदाचार के आरोप लगे हैं, इसलिए उनसे PWD (सड़क और भवन) विभाग वापस लिया जाए।
  4. पार्टी के भीतर लोकतंत्र को मज़बूत किया जाए। इसमें विधायकों के लिए एक सलाहकार समूह का गठन, एक अनुशासन समिति बनाना और विचार-विमर्श के लिए नियमित संस्थागत व्यवस्थाएं लागू करना शामिल है।
  5. पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को लागू करने के लिए एक स्पष्ट और समय-सीमा तय करने वाला रोडमैप तैयार किया जाए।
  6. जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा और विशेष दर्जा बहाल करने की मांग को और तेज़ किया जाए।

बैठक के बाद क्या बोले फारूक अब्दुल्ला?

विधायकों के साथ बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा- "यह बेबुनियाद अफवाह कि नेशनल कॉन्फ्रेंस बिखर गई है, पूरी तरह से गलत है। यह पार्टी संगठित है। जो लोग सोचते हैं कि वे इस पार्टी को तोड़ सकते हैं, उन्हें बता दें कि यह पार्टी न तो कभी टूटी है और न ही कभी टूट सकती है, इंशाअल्लाह। हमने उनसे बात की है; उनकी समस्याएं जायज थीं। उन पर बहुत गहराई से विचार किया गया, सबकी बात सुनी गई, और इंशाअल्लाह, जैसा कि उन्होंने कहा है, कुछ कदम जल्दी उठाए जाएंगे और कुछ कदम धीरे-धीरे उठाए जाएंगे। हम पार्टी और सरकार को मजबूत करेंगे ताकि लोगों की मुश्किलें दूर हो सकें। इसके साथ ही, राज्य का दर्जा बहाल करने की हमारी लड़ाई, और अनुच्छेद 370 तथा 35A के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी, और इंशाअल्लाह, इसे अपने मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।"

ये भी पढे़ें- क्या जम्मू-कश्मीर में होगा खेला! नेशनल कॉन्फ्रेंस के असंतुष्ट विधायकों का अब फारूक अब्दुल्ला से मिलने की संभावना

'उमर ने BJP के सामने घुटने टेके', रुहुल्लाह मेहदी ने ये कहने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस और सांसदी से दिया इस्तीफा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।