जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश जारी है। पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की संयुक्त टीमें नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रही हैं। बाढ़ के चलते लोगों की संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है।
16 की मौत 9 लोग अब भी लापता
अधिकारियों ने कहा कि रविवार और सोमवार को पुंछ एवं राजौरी के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 9 लोग लापता हो गए। इस आपदा से सड़कों और घरों समेत सार्वजनिक और निजी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
उप-राज्यपाल ने जमीनी हालातों का लिया जायजा
वहीं, जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित जिलों में जारी राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित इलाकों में जमीनी हालात का जायजा लिया।
उप-राज्यपाल ने अधिकारियों से की बात
उप-राज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'मैंने आज वरिष्ठ अधिकारियों से बात करके जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित जिलों में जमीनी हालात का जायजा लिया।'
कई इलाकों में भरा पानी
जम्मू कश्मीर के कई जिलों में जमकर बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क पर मलबा आने के कारण यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन और राहत-बचाव दल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोकल प्रशासन सक्रिय
भूस्खलन के कारण कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की टीमें सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हैं। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है।
भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में आने वाले समय में भी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। खराब मौसम के बीच किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
(भाषा के इनपुट के साथ)
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