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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का खात्मा, ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार

 Reported By: Manzoor Mir,  Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 19, 2026 11:00 pm IST,  Updated : Sep 19, 2026 11:10 pm IST

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर कठुआ में पाकिस्तान समर्थित डिजिटल जासूसी नेटवर्क को खत्म कर दिया।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : ANI

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ मिलकर कठुआ में पाकिस्तान के सपोर्ट वाले एक डिजिटल जासूसी नेटवर्क को खत्म कर दिया। कठुआ में पुलिस ने एक 24 साल के ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया, जिस पर पाकिस्तान की एक एजेंसी के साथ सेंसिटिव फुटेज और जानकारी शेयर करने का आरोप है। यह मामला हनी-ट्रैपिंग, बॉर्डर सर्विलांस और मिलिट्री ठिकानों की टोह लेने के आरोपों पर केंद्रित है। 

हनी-ट्रैप में फंसा था आरोपी

सूत्रों ने कहा कि अमन कथित तौर पर हनी-ट्रैप में फंसा था, जिसके बाद उसने सेंसिटिव जानकारी और फुटेज देना शुरू कर दिया। उसे कथित तौर पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से जासूसी और तोड़फोड़ वाली गतिविधियों के लिए निर्देश भी मिल रहे थे।

कई सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन के बाद अमन नाम के संदिग्ध पर 1923 के सख्त 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट' के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच से पता चला कि अमन सीमा पार के हैंडलर्स द्वारा रचे गए 'हनी-ट्रैप' ऑपरेशन का शिकार हो गया था। इसके बाद हैंडलर्स ने उसे संवेदनशील कठुआ सेक्टर में स्थानीय सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिकल रूट की रेकी (निगरानी) करने के लिए मजबूर किया।

जांच में सामने आई कई जानकारियां

जो बात इस मामले को आम जासूसी के मामलों से अलग बनाती है, वह है विदेशी हैंडलर्स द्वारा इस्तेमाल किया गया ऑपरेशनल तरीका। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, समय-समय पर फोटो या देर से मिलने वाली मैन्युअल रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय, पाकिस्तानी एजेंटों ने अमन को अपने घर के ठीक बाहर एक हाई-डेफिनिशन, सिम-पावर्ड स्मार्ट CCTV कैमरा खरीदने और लगाने के लिए 20,000 रुपये दिए थे।

सेना की गतिविधियों की जानकारी देता था

एक्टिव मोबाइल सिम कार्ड से लैस यह हार्डवेयर एक ऑटोनॉमस वायरलेस ट्रांसमीटर के तौर पर काम करता था। यह लोकल वाई-फाई या ब्रॉडबैंड नेटवर्क का इस्तेमाल किए बिना, रियल-टाइम एन्क्रिप्टेड वीडियो फीड सीधे सीमा पार बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाता था। एक अहम ट्रांजिट हाईवे पर लगे इस डिवाइस ने विदेशी ऑपरेटर्स को सैनिकों की तैनाती, भारी तोपखाने की आवाजाही और सैन्य सप्लाई काफिलों पर बिना रुकावट और ऑटोमैटिक नज़र रखने की सुविधा दी। इस तरह, ज़मीन पर विदेशी ऑपरेटर्स की मौजूदगी के बिना ही एक स्थायी डिजिटल ऑब्जर्वेशन पोस्ट तैयार हो गया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए संदिग्ध का मोबाइल डिवाइस और डिजिटल हार्डवेयर ज़ब्त कर लिया है। जांचकर्ता वित्तीय लेन-देन का पता लगाने, कम्युनिकेशन लॉग की पुष्टि करने और नेटवर्क में शामिल संभावित सब-एजेंटों या स्थानीय संपर्कों की पहचान करने पर काम कर रहे हैं। इससे पहले पुलिस ने पुंछ के मेन मार्केट में ज्वेलरी शॉप पर छापेमारी करके AK-47 राइफल, जिंदा कारतूस और पाकिस्तानी करेंसी-झंडे बरामद किए थे।

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