झारखंड के धनबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ननिहाल की करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करने की नीयत में एक भांजे ने अपने सगे मामा के खिलाफ खौफनाक साजिश रच डाली। भांजे ने मामा के नाम पर सिम कार्ड निकलवा कर CO को धमकी दे दी और 1 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग रखी। हालांकि, अंत में भांजा खुद उसी साजिश में फंस गया और पुलिस की गिरफ्त में आ गया। इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है और रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जमीन के लालच में रची खौफनाक साजिश
ये पूरा मामला झारखंड के धनबाद सदर अंचल अधिकारी (सीओ) रामप्रवेश कुमार से जुड़ा है। आरोपी पंकज कुमार दास पांडरपाला दास टोला का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया कि पंकज का अपने मामा राजू दास के साथ जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते उसने मामा को फंसाने की योजना बनाई।
पंकज ने अपने एक सहयोगी की मदद से मामा के नाम से एक फर्जी सिम कार्ड निकलवाया। इसी सिम का इस्तेमाल करते हुए 24 सितंबर की शाम उसने सीओ रामप्रवेश कुमार के व्हाट्सएप और मोबाइल पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी का धमकी भरा संदेश भेजा। संदेश में राशि नहीं देने पर हत्या कर देने की धमकी भी दी गई थी। रकम जमा कराने के लिए एसबीआई की राजगंज शाखा के एक बैंक खाते की जानकारी भी भेजी गई, जो कथित तौर पर मामा से जुड़ा बताया गया था।
पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप
सीओ रामप्रवेश कुमार ने तुरंत धनबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई। जैसे-जैसे पुलिस ने जांच शुरू की, पूरा मामला ताश के पत्तों की तरह खुलता गया। मोबाइल नंबर और बैंक खाते की तकनीकी जांच से पुलिस आरोपी तक पहुंची। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल धनबाद पुलिस, बल्कि जिले के उपायुक्त (डीसी) को भी सकते में डाल दिया, क्योंकि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को निशाना बनाया गया था।
गिरफ्तारी और जांच के अहम खुलासे
पुलिस ने पंकज कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि उसका मकसद सीधे तौर पर मामा को फंसाना था, ताकि जमीन विवाद में उसे फायदा मिल सके। जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई- धमकी भरे संदेश के लिए इस्तेमाल किए गए सिम का कनेक्शन एक अधिवक्ता से मिला था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सिम और मोबाइल का वास्तविक इस्तेमाल किसने किया और पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल है।
आरोपी का पक्ष और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पंकज ने पुलिस के समक्ष अलग कहानी रखी। उसका दावा है कि वह जाति प्रमाण पत्र बनवाने के सिलसिले में सीओ के पास गया था, लेकिन काम नहीं हुआ। उसने यह भी कहा कि उसे अपने मामा से जमीन के एवज में करीब 90 लाख रुपये मिलने थे और बदला लेने के इरादे से उसने यह साजिश रची। हालांकि, पुलिस उसके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि कर रही है।
पुलिस मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप संदेश और बैंक खाते से जुड़े साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। यह भी पड़ताल की जा रही है कि आरोपी ने अकेले पूरी साजिश रची या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। यह मामला न केवल रंगदारी की कोशिश को उजागर करता है, बल्कि पारिवारिक विवादों और जमीन के लालच के कैसे खतरनाक रूप ले सकते हैं, यह भी दिखाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया है। (रिपोर्ट: कुंदन सिंह)
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