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Karnataka sslc exam 2020: कर्नाटक एसएसएलसी परीक्षाएं 25 जून से होंगी आयोजित, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

 Edited By: T Raghavan @NewsRaghav
 Published : Jun 24, 2020 02:15 pm IST,  Updated : Jun 24, 2020 02:15 pm IST

सुप्रीम कोर्ट से हरी झण्डी मिलने के बाद कर्नाटक में गुरुवार से दसवीं की बोर्ड परीक्षा शुरू होने जा रही हैं, परीक्षाएं 4 जुलाई को खत्म होंगे, कोरोना काल में परीक्षा न रखने की अपील करते हुए दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बीते बुधवार को खारिज कर दिया था

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karnataka sslc examinations to be held from June 25, supreme court approves Image Source : PTI

Karnataka sslc exam 2020: सुप्रीम कोर्ट से हरी झण्डी मिलने के बाद कर्नाटक में गुरुवार से दसवीं की बोर्ड परीक्षा शुरू होने जा रही हैं, परीक्षाएं 4 जुलाई को खत्म होंगे, कोरोना काल में परीक्षा न रखने की अपील करते हुए दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बीते बुधवार को खारिज कर दिया था जिसके बाद कर्नाटक सरकार ने राज्य भर में तकरीबन साढ़े आठ लाख बच्चों की 10वीं की परीक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी।

आज राज्य के शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने बेंगलुरू के अलग अलग सेंटर का जायजा लिया, एक्साम सेंटर्स में सोशियल डिस्टेंसिंग, हैंड सेनिटाइजेशन और उन तमाम ऐहतियात को ध्यान में रखा गया है जिसकी बुनियाद पर बच्चे पूरी सुरक्षा के साथ परीक्षा लिख सकें, सुरेश कुमार के मुताबिक स्टूडेंट्स की सेफ़्टी को लेकर कोर्ट के निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा है, कंटेन्मेंट इलाकों में रहने वाले और किसी कारणवश परीक्षा न लिख पाने वाले तकरीबन 13 हज़ार बच्चों को फिलहाल छूट दी गई है उन्हें आने वाले दिनों में एक और अवसर दिया जाएगा।

दरअसल पड़ौसी राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश तेलंगाना और यहाँ तक कि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी ने भी दसवीं की परीक्षाओं को रद्द करते हुए इंटरनल एसेसमेंट के आधार पर सभी बच्चों को प्रमोट करने का फैसला किया था इसके बाद से कर्नाटक में भी इस बात की माँग उठने लगी, पेरेंट्स का कहना है कि कोरोना के डर के चलते बच्चों की मानसिक स्तिथि ऐसी नहीं है कि वे मुक्त मन से परीक्षा लिख सकें साथ ही रोज बढ़ते मामलों ने भी अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है, स्टूडेंट्स में भी कोरोना को लेकर डर है

इन सब के बीच राज्य सरकार का मत है कि दसवीं के बच्चों की मेरिट के आधार पर इन्साफ होना जरूरी है इसीलिए परीक्षा ली जा रही है, लेकिन सवाल ये भी है कि लाखों बच्चों में अगर किसी को कोरोना हो गया तो फिर क्या होगा।

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