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CBSE बोर्ड परीक्षा जिले के अंदर परीक्षा केंद्रों में बदलाव नहीं, केवल स्कूलों के माध्यम से आग्रह भेजें

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 03, 2020 12:22 pm IST,  Updated : Jun 03, 2020 12:22 pm IST

दसवीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा केंद्र बदलने की शर्तों की घोषणा करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को कहा कि किसी एक जिले के अंदर इस तरह के बदलाव की अनुमति नहीं होगी।

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cbse Image Source : FILE

नई दिल्ली। दसवीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा केंद्र बदलने की शर्तों की घोषणा करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को कहा कि किसी एक जिले के अंदर इस तरह के बदलाव की अनुमति नहीं होगी। कोविड-19 महामारी को देखते हुए बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं जो अब एक जलाई से 15 जुलाई तक आयोजित होंगी। बोर्ड ने एक सरकारी आदेश में कहा, ‘‘परीक्षा केंद्र केवल उन्हीं जिलों में बदलने की अनुमति होगी जहां आवेदक चला गया है और जहां सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल हैं।

ऐसे मामले में जहां छात्र वर्तमान में रह रहा है और वहां सीबीएसई से मान्यता प्राप्त कोई स्कूल नहीं है तो पड़ोसी जिले में परीक्षा केंद्र आवंटित होगा। निषिद्ध क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र बनाने की अनुमति नहीं होगी।’’ इसने कहा, ‘‘अभी तक जो स्कूल निषिद्ध क्षेत्रों के अंदर हैं, उन स्कूलों के छात्रों का परीक्षा केंद्र निषिद्ध क्षेत्र के बाहर आवंटित होगा।’’ इसने कहा, ‘‘एक ही जिले के अंदर केंद्र बदलने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए दिल्ली को एक जिला माना जाएगा, इसलिए दिल्ली के एक जिले से दूसरे जिले में परीक्षा केंद्र बदलने की अनुमति नहीं होगी।

’’ बोर्ड ने कहा कि वह केवल स्कूलों के माध्यम से उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र बदलने के आग्रह को स्वीकार करेगा। इसने कहा, ‘‘यह स्कूल की जिम्मेदारी होगी कि वह छात्रों से संपर्क करे कि क्या वह किसी दूसरे जिले में चला गया है और क्या वह जिस जिले में वर्तमान में रह रहा है क्या वहां परीक्षा केंद्र बदलने की सुविधा लेना चाहेगा और इसके बाद वह सीबीएसई को सूचना दे।’’ इसने कहा, ‘‘बोर्ड किसी अन्य तरीके से आग्रह स्वीकार नहीं करेगा। स्कूल छात्रों के मूल आग्रह को आगे बढ़ाएंगे और नियमों के मुताबिक परीक्षा में उपस्थित होने के लिए जिला बदलने की खातिर सीबीएसई से अनुशंसा करेंगे।’’ बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं जहां देश भर में आयोजित होंगी वहीं दसवीं की परीक्षाएं केवल उतरपूर्वी दिल्ली में लंबित हैं।

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजधानी के जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए परीक्षाएं आयोजित नहीं की जा सकी थीं। सीबीएसई ने कहा कि जो छात्र भारत में पढ़ रहे थे और दूसरे देशों में चले गए हैं, वे भारत के किसी भी जिले से परीक्षा दे सकते हैं। इसने कहा, ‘‘ये छात्र भी अपने स्कूलों से आग्रह करेंगे। ऐसे उम्मीदवारों के लिए सीबीएसई दूसरे देशों में परीक्षाएं आयोजित नहीं कराएगी। उनके परिणाम बोर्ड द्वारा तय किए गए आकलन योजना के तहत घोषित किए जाएंगे।’’

सीबीएसई ने कहा, ‘‘ऐसे दिव्यांग बच्चे जिन्होंने परीक्षा में किसी और से लिखवाने की सुविधा हासिल की है और अगर वे आगामी परीक्षा में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं कर पाने के कारण उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके परिणाम बोर्ड की तरफ से निर्धारित आकलन योजना के तहत घोषित किए जाएंगे।’’ कोविड-19 महामारी को देखते हुए देश भर में विश्वविद्यालय और स्कूल 16 मार्च से बंद हैं। बोर्ड ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह केवल 29 विषयों की लंबित परीक्षाएं आयोजित करेगा जो आगे की कक्षाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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