सावन के इस पावन महीने में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि शिवजी को प्रसन्न करने के लिए किसी बड़े अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं होती, वे तो केवल एक लोटा जल और भाव से चढ़ाए गए बेलपत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। यदि आप भी इस सावन शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना चाहते हैं तो घर आप आसानी से इसका पौधा लगा सकते हैं। यहां हम आपको कुछ आसान ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिससे आप आसानी से बेलपत्र का पौधा लगा पाएंगे।
1. सही समय और सामग्री का चुनाव
बेलपत्र लगाने के लिए फरवरी से जुलाई का समय सबसे बेस्ट माना जाता है। इसके लिए बेलपत्र का ताजा फल या एक स्वस्थ टहनी, 8-10 इंच का गमला, और सही मिट्टी का मिश्रण लें।
2. मिट्टी तैयार करने की ट्रिक
बेलपत्र के पौधे को ऐसी मिट्टी पसंद होती है जिसमें पानी जमा न हो। इसके लिए 50 फीसदी नॉर्मल बगीचे की मिट्टी + 30 फीसदी गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट + 20 फीसदी रेत लें। गमले के नीचे एक ड्रेनेज होल जरूर रखें ताकि एक्सट्रा पानी आसानी से बाहर निकल सके।
3. पौधा लगाने की आसान ट्रिक
बेलपत्र के पके हुए फल से बीज निकालें और उन्हें पानी से अच्छे से धोकर गुदा साफ कर लें। बीजों को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें। गमले की मिट्टी में 1 इंच गहराई पर बीज बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी का छिड़काव करें।
कटिंग से उगाने का आसान तरीका
किसी पुराने बेलपत्र के पौधे से पेंसिल जितनी मोटी और 6-8 इंच लंबी टहनी लें। टहनी के निचले हिस्से को थोड़ा छीलें और उस पर थोड़ा एलोवेरा जेल लगा लें। इसे मिट्टी में 2-3 इंच गहरा दबा दें। कटिंग से पौधा बहुत जल्दी तैयार होता है।
4. देखभाल के जरूरी टिप्स
बेलपत्र के पौधे को रोजाना कम से कम 4-5 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है। इसे ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप आती हो। मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन गमले में पानी रुकने न दें। जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखे, तभी पानी दें। पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए महीने में एक बार थोड़ी गोबर की खाद या नीम की खली जरूर डालें। जब पौधा छोटा हो, तो इसे बहुत ज्यादा बारिश या बहुत तेज ठंड से बचाकर रखें।