वजन घटाने के लिए डाइटिंग और एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। इससे तेजी से वजन पर असर होता है, लेकिन पेट पर जमा जिद्दी चर्बी कई बार कम होने का नाम नहीं लेती। पेट पर जमा फैट सबसे मुश्किल से और आखिर में कम होता है। खासतौर से महिलाएं निकले पेट से परेशान रहती है। कम खाने और व्यायाम करने के बाद भी कई बार पेट के आसपास की चर्बी कम होने का नाम नहीं लेती। आखिर मोटा पेट कम करने में इतनी मुश्किल क्यों आती है। महिलाओं को बेली फैट कम क्यों नहीं होता है। आइये जानते हैं इसके क्या कारण हैं?
वजन घटाने में मदद करने वाली एक्सपर्ट और 'द गुड वेट' की सह-संस्थापक डॉक्टर नेहा शाह के अनुसार, सिर्फ कैलोरी पर ध्यान देने से अक्सर पेट की चर्बी के बने रहने के मूल कारणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। यही वजह है कि पेट की चर्बी शरीर के दूसरे हिस्सों में जमे फैट से देरी से कम होती है।
महिलाओं में पेट की चर्बी क्यों नहीं घटती?
डॉक्टर शाह ने बताया कि महिलाओं की जिंदगी में फैट का वितरण बदलता रहता है। जब आपका प्रेगनेंसी वाला समय होता है तो एस्ट्रोजन हाई हो जाता है, इस समय में कूल्हों और जांघों के आसपास फैट जमा होने लगता है। जैसे-जैसे महिलाएं 40 साल की उम्र में पहुंचती हैं तो एस्ट्रोजन घटने लगता है और पैटर्न धीरे-धीरे बदल जाता है। इस समय में पेट फैट जमा होने का नया केंद्र बन जाता है। कई बार महिलाओं को महसूस होता है कि वजन उतने का उतना है लेकिन कमर का आकार बढ़ रहा है। ऐसा हार्मोनल परिवर्तनों की वजह से होता है, जिसे सिर्फ डाइट से ठीक नहीं किया जा सकता है।
डॉक्टर शाह के मुताबिक महिलाओं में पेट की चर्बी अक्सर हार्मोन, शारीरिक बनावट और तनाव से जुड़ी होती है, और कई मामलों में ये तीनों एक साथ काम करते हैं।
बच्चा होने के बाद पेट कम क्यों नहीं होता?
कई महिलाओं की समस्या होती है कि प्रेगनेंसी के बाद उनका पेट कम नहीं हो रहा है। जिसे "मम्मी टमी" कहा जाता है। गर्भावस्था के दौरान वजन कम होने के काफी समय बाद भी ये बना रहता है। कई महिलाओं में, इसका कारण डायस्टेसिस रेक्टी होता है, एक ऐसी स्थिति जिसमें गर्भावस्था के दौरान बढ़ते गर्भाशय के लिए जगह बनाने के लिए पेट की मांसपेशियां अलग हो जाती हैं। हालांकि डिलीवरी के बाद मांसपेशियों के वापस जुड़ने की उम्मीद की जाती है, लेकिन ऐसा हमेशा पूरी तरह से नहीं होता है। ऐसा मांसपेशियों में गैप होने की वजह से हो जाता है न कि खान पान के कारण। ऐसी स्थिति में एकदम से ज्यादा व्यायाम करने से स्थिति खराब हो सकती है। इसलिए बहुत ज्यादा सिट-अप्स और क्रंचेस करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
तनाव से बढ़ती है पेट की चर्बी?
शरीर का तनाव हार्मोन, कोर्टिसोल, पेट के आसपास वसा जमा करने का सीधा निर्देश देता है। इसका मतलब यह है कि अगर तनाव का स्तर लगातार बढ़ा रहता है तो बैलेंस डाइट और नियमित व्यायाम करने के बावजूद भी पेट की चर्बी बनी रह सकती है। भारत में महिलाएं अक्सर काम, बच्चों की देखभाल, माता-पिता की देखभाल और घर संभालने के चक्कर में लंबे समय तक दबाव और तनाव में रहती है। जिससे चर्बी बढ़ने लगती है। जो महिलाएं तनाव के प्रति संवेदनशील होती हैं उनका वजन ज्यादा बढ़ता है। शरीर में हाई कोर्टिसोल और पेट की चर्बी एक दूसरे को बढ़ावा देते हैं।
पेट की चर्बी कैसे कम करें?
जो महिलाएं रजोनिवृत्ति के करीब हैं उन्हें रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने पर फोकस करना चाहिए। आपको सामान्य व्यायाम करने पर फोकस करना चाहिए। रोजाना वॉक करने और योग करने से वजन कम करने में मदद मिलेगी। मांसपेशियों को बनाए रखने और मेटाबॉलिज्म में सुधार के लिए पावर ट्रेनिंग करें। डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं, इससे मांसपेशियों को बनाए रखने और वजन घटाने में मदद मिलेगी। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और ब्लड शुगर स्थिर रहेगा। रात में 7-8 घंटे की नींद लें और तनाव से दूर रहें। ये सभी चीजें पेट के आसपास बढ़ रही चर्बी को घटाने में मदद करेंगी।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)