Intrenational Yoga Day 2019: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रांची में हो रहे मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष विमान से बृहस्पतिवार रात लगभग साढ़े दस बजे यहां पहुंच गए थे। पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग में पीएम मोदी धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में चालीस से पचास हजार लोगों के साथ योग किया।
इस साल कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘हृदय के लिए योग’:योग फॉर हार्ट’ रखा गया है। रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने प्रभात तारा मैदान में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, अस्थायी शौचालय, मेडिकल टीम, एंबुलेंस और एनडीआरएफ के साथ सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पर्याप्त संख्या में जवानों की तैनाती की गई थी। योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में मंच पर प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाइक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी मौजूद रहे।
इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रांची में लोगों का उत्साह चरम पर है और प्रधानमंत्री के साथ योग करने के लिए लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए ऑनलाइन पंजीकरण प्रशासन को रोकना पड़ा है। रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक अनीस गुप्ता ने बताया कि जिला बल, झारखंड सशस्त्र बल और त्वरित कार्यबल के जवान कार्यक्रम स्थल पर तैनात किए गए हैं। 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है। हर जांच बिंदू पर 6-7 डीएफएमजी लगाए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की ऐसे हुई शुरूआत
27 सिंतबर 2014 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुत्त राष्ट्र महासभा में योग के फायदों पर प्रकाश डाला था। उस वक्त यूएन में भारत के राजूदत रहे अशोक मुखर्जी ने भारत की तरफ से विश्व योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा और 11 दिसंबर 2014 को संयुत्त राष्ट्र महासभा में 193 सदस्यों ने 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। 'ग्लोबल हेल्थ एंड फॉरेन पॉलिसी' के एजेंडे के तहत अपनाए गए प्रस्ताव में स्वीकार किया गया कि योग स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है और इसके लाभों के बारे में जानकारी का व्यापक प्रसार दुनिया के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा। इसके लिए 21 जून का दिन चुना गया, क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे बड़ा दिन होता है। इसके बाद 2015 से विश्व में यह दिवस मनाया जाने लगा। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'क्लाइमेट एक्शन है'।