पीसीओएस से लड़ने के लिए प्राकृतिक उपाय
फर्टिलिटी डाइट खाएं
- विशिष्ट पीसीओएस फर्टिलिटी डाइट खाने में सबसे अच्छी बात यह है कि आपके गर्भवती होने के अवसर बढ़ सकते हैं।
- अपने दैनिक आहार में प्रोटीन-काबोर्हाइड्रेट की समान मात्रा मिलाएं। समान मात्रा में प्रोटीन व काबोर्हाइड्रेट खाने से आपका इंसुलिन स्तर संतुलित रहता है, और इस तरह अपनी प्रजनन क्षमता में वृद्धि होती है।
- प्रतिदिन पांच भोजनों से बीमारियां दूर रहती हैं, इन पांच भोजनों में तीन नियमित भोजन और दो स्वास्थ्यवर्धक अल्पाहार या पांच छोटे-छोट भोजन।
- पहला अल्पाहार लंच के पहले लें।
- दूसरा अल्पाहार सोने से कम से कम 1 घंटे पहले लें।
4.पांच भोजनों में सब्जियों को शामिल करें। हर किसी से हरी सब्जियों का जादू नहीं छिपा है। ये हर काम और हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद है!
5.सप्ताह में पांच दिन न्यूनतम 40 मिनट व्यायाम करें। व्यायाम से पीसीओएस में अत्यधिक मदद मिलती है, जिससे इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार और इसी के साथ-साथ चयापचय दर में वृद्धि तथा वजन कम करने में मदद मिलती है। आप ऐरोबिक्स और प्रतिरोध व्यायाम कर सकते हैं, दोनों ही फायदेमंद है।
6.कॉफी पीना छोड़ दें
तुरंत नतीजे के लिए, कॉफी का सेवन करना कम या बंद कर दें। कॉफी के सेवन को कम करने से एस्ट्रोजन स्तरों में काफी कमी आ सकती है।
इन सभी के संगम से प्रजनन-क्षमता में वृद्धि होकर, स्वस्थ बच्चे का जन्म हो सकता है। पीसीओएस के लक्षण प्रकट होने पर हार्मोन संतुलन को बनाए रखना, उन्नत एस्ट्रोजन चयापचय के लिए स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देना और नियमित डिंबक्षरण व मासिक धर्म को भी उन्नत करना जरूरी है।
