1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. मनुष्य की काबिलियत को जड़ से खत्म कर देती हैं ये 3 चीजें, सौ-गज की दूरी बनाए रखने में ही समझदारी

मनुष्य की काबिलियत को जड़ से खत्म कर देती हैं ये 3 चीजें, सौ-गज की दूरी बनाए रखने में ही समझदारी

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Nov 09, 2020 06:14 am IST,  Updated : Nov 09, 2020 07:08 am IST

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

Chanakya Niti-चाणक्य नीति- India TV Hindi
Chanakya Niti-चाणक्य नीति Image Source : INDIA TV

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार अहंकार, क्रोध और लालच पर आधारित है। 

'अहंकार, क्रोध और लालच इंसान की काबीलियत खा जाती है।' आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य को तीन चीजें खत्म कर सकती हैं। ये तीन चीजें अहंकार, क्रोध और लालच है। ये तीनों चीजें इंसान की काबीयिलत को धीरे-धीरे पूरी तरह से नष्ट कर देती हैं। आचार्य का चाणक्य का कहना है कि ये तीनों चीजें जब भी इंसान के ऊपर अपना कब्जा जमाती है तो उसकी सोचने और समझने की क्षमता सबसे पहले खत्म हो जाती है। मनुष्य फिर वही सोचता है और करता है जो ये चीजें उससे करवाती हैं। 

दुनिया में मनुष्य को सबसे ज्यादा रहता है इस चीज का खतरा, बचने के लिए हमेशा करता है कोशिश

अपने किए गए कार्यों पर अहंकार करना मनुष्य की प्रवृत्ति होती है। ये अहंकार जब भी मनुष्य के समीप आता है तो सबसे पहले उसकी बुद्धि और बातचीत करने के तरीके में बदलाव होता है। वहीं क्रोध की बात की जाए तो क्रोध से मनुष्य  जीभ पर कंट्रोल पूरी तरह से खो देता है। वो गुस्से में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर देता है जो जीवनभर के लिए दुखदायी हो जाते हैं। जबकि लालच मनुष्य को कोई भी हद पार करा सकता है। 

यानी कि अगर इन चीनों में से एक चीज भी मनुष्य के अंदर आ गई तो उसकी काबीलियत को खत्म कर देती है। ऐसा मनुष्य ना तो किसी का प्रिय होता है और ना ही परिवार का साथ उसे मिलता है। ऐसा मनुष्य अपने जीवन में सिर्फ और सिर्फ अकेला ही रह जाता है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य कहते हैं इन्हें हमेशा अपने आप से सौ कोस की दूरी पर रखना चाहिए। 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल