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शत्रु में आए ये 2 बदलाव आपके लिए हो सकते हैं और भी घातक, नहीं किया बचाव तो खात्मा निश्चित

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 23, 2021 06:32 am IST,  Updated : Feb 23, 2021 06:32 am IST

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

Chanakya Niti-चाणक्य नीति- India TV Hindi
Chanakya Niti-चाणक्य नीति Image Source : INDIA TV

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भले ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार शत्रु के स्वभाव पर आधारित है। 

'कभी भी अपने शत्रु के अच्छे व्यवहार और उसकी मित्रता पर भरोसा ना करें।' आचार्य चाणक्य 

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य को कभी भी शत्रु पर भरोसा नहीं करना चाहिए। फिर चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों ना हो। कई बार समय के अनुसार शत्रु अपने स्वभाव में परिवर्तन करता है। ये परिवर्तन कई बार समय की आवश्यकता होती है या फिर शत्रु की चाल। इन दोनों ही परिस्थितियों में अगर आप फंस गए तो बचना मुश्किल है। 

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कई बार मनुष्य को असल जिंदगी में इस तरह का सामना करना पड़ता है। जानी दुश्मन कहे जाने वाला शत्रु के स्वभाव में अचानक ऐसा बदलाव आता है कि उसे देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होता। इस तरह के शत्रु अपनी बात पर यकीन दिलाने के लिए झूठे आंसू से लेकर स्वभाव तक...वो सारे तरीके ट्राई करता है जिससे सामने वाले को उस पर यकीन हो जाए। 

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ऐसा करके वो सामने वाले को अपनी बातों के मकड़जाल में ऐसा फंसा लेता है कि सामने वाले को उस पर यकीन हो जाता है। अगर आपके सामने भी कोई आपका शत्रु बदल जाए तो उसकी बातों में बिल्कुल भी ना फंसे। कई बार आंखों का देखा और कानों का सुना दोनों ही झूठे साबित हो जाते हैं। दोनों पर ही जरा सा भी यकीन अगर आपने कर लिया तो वो आपके लिए खतरनाक हो सकता है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि कभी भी अपने शत्रु के अच्छे व्यवहार और उसकी मित्रता पर भरोसा ना करें।

 

 

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