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कोई भी मनुष्य किसी चुनौती से नहीं बल्कि अपनी कमजोरी से हारता है

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Jul 09, 2021 05:54 am IST,  Updated : Jul 09, 2021 05:54 am IST

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

Chanakya Niti-चाणक्य नीति- India TV Hindi
Chanakya Niti-चाणक्य नीति Image Source : INDIA TV

आचार्य चाणक्य की नीतियां और अनुमोल वचनों को जिसने जिंदगी में उतारा वो खुशहाल जीवन जी रहा है। अगर आप भी अपने जीवन में सुख चाहते हैं तो इन वचनों और नीतियों को जीवन में ऐसे उतारिए जैसे पानी के साथ चीनी घुल जाती है। चीनी जिस तरह पानी में घुलकर पानी को मीठा बना देती है उसी तरह से विचार आपके जीवन को आनंदित कर देंगे। आचार्य चाणक्य के इन अनुमोल विचारों में से आज हम एक विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार है कि मनुष्य किस चीज से हार मान लेता है।

'बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर की कमजोरियों से हारते हैं।' आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य कभी भी बाहर की चुनौतियों से नहीं हारता। वो उन चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सकता है। वो तब हारता है जब उन चुनौतियों के सामने आते ही अपने आप को कमजोर समझने लगता है।

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असल जिंदगी में मनुष्य को जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग उन चुनौतियों के सामने डटकर खड़े रहते हैं। उनके चेहरे पर एक शिकन भी नहीं आतीं। वो ना केवल अपने आप को दिमाग से मजबूत करते हैं बल्कि चुनौतियों का किस तरह से सामना करें उसके लिए योजना भी बनाते हैं। अपने आप को ऐसे लोग अंदर से मजबूत रखते हैं। एक पल भी अपने दिमाग में ये नहीं आने देते कि वो इस चुनौती का सामना कैसे करेंगे। 

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वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो चुनौतियों का सामना करने से घबरा जाते हैं। वो अपने आप को अंदर से बहुत ज्यादा कमजोर समझने लगते हैं। यहां तक कि चुनौती का सामना करने से पहले ही हार मान लेते हैं। उन्हें लगता है कि वो चुनौती का किसी भी हालत में मुकाबला करने में सक्षम नहीं है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर की कमजोरियों से हारते हैं। 

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