1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. Chanakya Niti: ऐसे लोगों के बीच रहने वाला व्यक्ति पूरी जिंदगी रहता है दुखी

Chanakya Niti: ऐसे लोगों के बीच रहने वाला व्यक्ति पूरी जिंदगी रहता है दुखी

 Published : Apr 28, 2022 07:02 am IST,  Updated : Apr 28, 2022 07:02 am IST

आज के विचार में आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में ऐसे लोगों के बारे में बताया जो सुखी रहते हैं लेकिन इन लोगों के बीच रहने से उनको हमेशा दुखी रहना पड़ता है। आइए जानते हैं।

Chanakya Niti- India TV Hindi
Chanakya Niti Image Source : INDIA TV

Highlights

  • आचार्य चाणक्य जी के मुताबिक गुरु और शिष्य का रिश्ता बेहद ही अच्छा माना जाता है।
  • ऐसा इसलिए क्योंकि गुरु ही वह चाबी होता -जो एक शिष्य को उसकी मंजिल का ताला खोलने में मदद करती है।

भले ही आपको आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। भागदौड़ भरी जिंदगी में आप इन विचारों को नजरअंदाज ही क्यों न कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज के विचार में आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में ऐसे लोगों के बारे में बताया जो सुखी रहते हैं लेकिन इन लोगों के बीच रहने से उनको हमेशा दुखी रहना पड़ता है। आइए जानते हैं। 

भाग्य चमका देगा शालिग्राम, नियमित पूजा से खुल जाएंगे किस्मत के ताले

श्लोक

मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च।

दुःखितैः सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति॥

भावार्थ
मूर्ख शिष्य को पढ़ाने पर , दुष्ट स्त्री के साथ जीवन बिताने पर तथा दुखियों- रोगियों के बीच में रहने पर विद्वान व्यक्ति भी दुःखी हो ही जाता है - आचार्य चाणक्य

चप्पल उल्टी होने पर क्यों टोकते हैं घर के बड़े-बुजुर्ग? वजह जानेंगे तो अब से नहीं करेंगे ये काम

दरअसल, आचार्य चाणक्य जी के मुताबिक गुरु और शिष्य का रिश्ता बेहद ही अच्छा माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरु ही वह चाबी होता -जो एक शिष्य को उसकी मंजिल का ताला खोलने में मदद करती है। गुरु अपने छात्रों को हर मुश्किल को आसानी से पार करने और जीवन मे सफलता पाने के लिए  तैयार करता है। लेकिन, अगर किसी तेज यानी विद्वान व्यक्ति के जीवन में कोई ऐसा शिष्य आ जाए जिसे कुछ भी न आता हो न ही उसका ध्यान गुरु द्वारा बताए गए रास्ते पर चलता हो तो ऐसे मूर्ख शिष्य से विद्वान व्यक्ति कभी न कभी दुखी जरूर होता है।  

चाणक्य जी कहते हैं कि अगर कोई विद्वान व्यक्ति की जीवनसंगिनी अच्छी और समझदार हो तो उसका असर उसके पूरे जीवन पर पड़ता है जिससे वह हर मुश्किल का आसानी से सामना कर सुखी जीवन जीता है। लेकिन ठीक इसके उल्टे अगर  किसी विद्वान व्यक्ति के जीवन में अच्छी जीवनसंगिनी का साथ न मिले तो उसका पूरा जीवन ही दुखों से भर जाता है। 

सामुद्रिक शास्त्र: काली आंखों वाले लोग होते हैं रहस्यमयी, जानिए आंखों के रंग से व्यक्ति का स्वभाव

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल