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Kargil Vijay Diwas 2024: आज कैसा दिखता है कारगिल, ये देखने वहां जाना चाहें तो कैसे जाएं और क्या क्या देखें?

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Jul 26, 2024 02:40 pm IST,  Updated : Jul 26, 2024 02:43 pm IST

अगर आपको कारगिल घूमने का मन कर रहा है तो चलिए हम आपको बताते हैं आप किन जगहों पर घूम सकते हैं? किस मौसम में जाएं और वहां कैसे पहुंचे?

कारगिल में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें- India TV Hindi
कारगिल में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें Image Source : SOCIAL

भारत में 26 जुलाई को हर वर्ष कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन साल 1999 में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है। इस साल कारगिल वार को 25 साल हो जाएंगे। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इतने सालों में क्या कुछ बदला है? अब कारगिल कैसा दिखता है? अगर आपको कारगिल घूमने का मन कर रहा है तो चलिए हम आपको बताते हैं आप किन जगहों पर घूम सकते हैं? किस मौसम में जाएं और वहां कैसे पहुंचे?

मन मोह लेगी कारगिल की खूबसूरती:

लद्दाख में स्थित कारगिल एक ऊंचाई वाला रेगिस्तानी शहर है जो 1999 के कारगिल युद्ध के बाद से काफी विकसित हुआ है। अब कारगिल की अर्थव्यवस्था बेहतर हुई है और यह संपन्न शहरों की श्रेणी में आने लगा है।  

कैसे पहुंचे कारगिल?

  • हवाई मार्ग से: कारगिल पहुंचने के लिए लेह हवाई अड्डे पर उतरना होगा। लेह कारगिल से लगभग 230 किमी की दुरी पर स्थित है। आप दिल्ली या मुम्बई कहीं से भी से लेह के लिए उड़ान भर सकते हैं। लेह पहुंचकर आप कारगिल के लिए प्राइवेट टैक्सी या पब्लिक बस ले सकते हैं।

  • सड़क मार्ग से: कारगिल सड़क मार्ग से श्रीनगर और लेह से कनेक्टेड है। आप कारगिल पहुंचने के लिए श्रीनगर या लेह से बस या टैक्सी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

कारगिल में घूमने की बेहतरीन जगहें

  • द्रास युद्ध स्मारक: कारगिल में स्थित द्रास युद्ध स्मारक भारतीय सेना द्वारा 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाया गया है। इसे विजयपथ के नाम से भी जाना जाता है। यह स्मारक गुलाबी बलुआ पत्थर से बना है और वीर सैनिकों को समर्पित है।

  • कारगिल ट्रेकिंग: कारगिल और उसके आसपास लामायुरू-लेह, पदुम-लामायुरू, पदुम-हेमिस, संकरु-द्रास, जैसे ट्रेक हैं। मौसम के कारण इस क्षेत्र में ट्रेकिंग चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन यहां की खूबसूरती देखते ही बनती है।  

  • लामायुरू मोनेस्ट्री: लेह-कारगिल रोड पर लामायुरू नामक एक छोटा सा गाँव है जिसे लद्दाख के मूनलैंड के नाम से भी जाना जाता है। लामायुरू में लद्दाख का सबसे पुराना और बड़ा मोनेस्ट्री भी है।  

  • रंगदुम गोम्पा मोनेस्ट्री: रंगदुम गोम्पा कारगिल जिले में स्थित एक प्राचीन बौद्ध मठ है। यह समुद्र तल से 4,031 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है जो हिमालय के पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां से ज़ांस्कर और सुरू घाटी का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।  

  • सुरू घाटी: सुरू घाटी कारगिल के पास स्थित एक सुंदर घाटी है जो ट्रेकिंग के लिए महशूर है। यह घाटी एकमात्र उपजाऊ क्षेत्र है जो अपनी हरियाली के लिए जानी जाती है। यहां गेहूं, जौ, मूली और अंगूर की खेती होती है। 

बता दें, कारगिल की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय जून से सितंबर के गर्मियों के महीनों के दौरान होता है जब यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है और सड़कें खुली होती हैं।

 

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