मध्य प्रदेश के पन्ना में भगवान जुगल किशोर जी के मंदिर में इतिहास में अब तक की सबसे निंदनीय घटना हुई है। खबर है कि जन्माष्टमी के मौके पर भगवान के जन्म के बाद जन्मोत्सव की आरती प्रारंभ हुई। तभी पन्ना राजपरिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी ने अचानक गर्भग्रह में प्रवेश किया और आरती के दौरान जबरन पुजारियों से चंवर छुड़ा ली। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने पुजारियों के साथ अभद्रता भी की। राजपरिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी की इस हरकत की वजह से भगवान की आरती भी पूरी नहीं हो पाई और पुजारियों को बीच में ही आरती बंद करनी पड़ी।
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पन्ना राजघराने की बहू हुई गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि पन्ना राजपरिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी ने बड़ी लापरवाही की है। हालांकि पुलिस ने अपनी सतर्कता से मामले को कंट्रोल कर लिया था। बाद में जीतेश्वरी देवी पर एफआईआर दर्ज की गई और राजघराने की बहू को धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोपी मानते हुए पन्ना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जब मंदिर में ये घटना हुई तब पन्ना राजघराना परिवार की बहू जितेश्वरी देवी को मंदिर से धक्के मारकर बाहर निकाला गया था। इस मामले पर डीएसपी राजीव भदौरिया ने बताया कि जीतेश्वरी देवी के विरुद्ध मंदिर समिति ने शिकायत की है। जिस पर धारा 295-A और 353 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। बता दें कि इस घटना के बाद पन्ना राजघराने की महारानी जीतेश्वरी को फिल्मी स्टाइल में पन्ना पुलिस ने बीच बाजार से हिरासत में लिया।
जुगल किशोर मंदिर के इतिहास में हुआ पहली बार
गौरतलब है कि पन्ना का ऐतिहासिक जुगल किशोर मंदिर देश दुनिया में फेमस है। बुंदेलखंड का ब्रज धाम कहे जाने वाले इस मंदिर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव के समय राज परिवार की महारानी जीतेश्वरी कुमारी प्रवेश वर्जित होने की बावजूद भी गर्भ ग्रह में घुस गईं और अमर्यादित आचरण किया। इस अभद्र आचरण से पुजारी और श्रद्धालु काफी दुखी हैं और घटना की निंदा कर रहे हैं। भगवान जुगल किशोर जी मंदिर के इतिहास में यह पहली घटना है जब इस तरह से जन्मोत्सव के दौरान पूर्ण आरती भी नहीं हो सकी, जिससे श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है।
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