ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भ्रष्टाचार की खबर सामने आई है जहां इकोनॉमिक ऑफेंस विंग यानी EOW ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्ट्रेट स्थित तहसील ग्वालियर के गोशपुरा वृत में नायब तहसीलदार कार्यालय पर EOW की टीम ने छापा मारते हुए रीडर अनिल कुलवाडिया को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आपको बता दें कि एक प्लॉट के रजिस्ट्रेशन के मामले में अनिल कुलवाडिया ने एक शख्स से घूस की मांग की गई थी और ऐसा करना उन पर भारी पड़ गया है।
EOW ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में की छापामार
आपको बता दें कि जिस शख्स से अनिल कुलवाडिया ने रिश्वत मांगी थी उनका नाम जितेंद्र पांडे है जो किला गेट क्षेत्र में रहते हैं और रानीपुरा स्थित प्लॉट के रजिस्ट्रेशन का मामला ऑफिस में काफी समय से पेंडिंग था। उसी प्लॉट के रजिस्ट्रेशन के मामले में 20 हजार रुपए की रिश्वत ली गई है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में EOW की छापामार कार्रवाई के बाद से हड़कंप मच गया है। EOW की टीम ने तहसीलदार के रीडर अनिल कुलवाडिया को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।
अधिकारी ने बिना रिश्वत के काम करने से किया मना
जितेंद्र पांडे अपने प्लॉट का नामांतरण कराने के लिए एक साल से भटक रहे थे, लेकिन बिना पैसों के अधिकारी उनका काम आगे बढ़ा ही नहीं रहे थे। जितेंद्र पांडे के नामांतरण की फाइल को कई बार निरस्त कर दी थी। फरियादी से फिर से पैसों की डिमांड की गई मगर इस बार नामांतरण के एवज में तहसीलदार के रीडर ने 50 हजार रुपए की फरियादी से डिमांड की थी और उनके बीच 40 हजार रुपए में सौदा पक्का हुआ।
फरियादी जितेंद्र पांडे ने EOW से की शिकायत
प्लानिंग के अनुसार दोपहर में जितेंद्र पांडे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए और तहसीलदार के रीडर अनिल कुलवाडिया को 20 हजार रुपए दिए। उसी समय EOW की टीम ने रीडर को रंगे हाथ रिश्वत लेते धर दबोचा। इस मामले की जांच अभी जारी है मौके पर तहसीलदार को भी बुलाया गया। इस रिश्वत से जुड़े मामले में तहसीलदार से भी EOW पूछताछ कर रही है।
(रिपोर्ट- भूपेंद्र भदौरिया)
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