मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसे सुपर ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जो सरकार की नाक के नीचे ही ठगी कर फर्जी कागजों पर सरकारी बिल्डिंग बेच रहा था बेरोजगार युवाओं के सपनों का सौदा कर उन्हें IFS IAS की नौकरी दिला रहा था। हैरानी की बात यह है कि महाठग नेक्सस की मास्टरमाइंड एक महिला है जिसने अपने माया जाल में फंसा कर कइयों को IFS का पद दिलाते हुए जॉब दिला दिया तो कइयों को बेहद वीवीआईपी इलाके में सरकारी बिल्डिंग में फ्लैट ही बेच दिया।
कई युवाओं को लगाया चूना
इस गिरोह ने भोपाल, रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना के लड़कों को लाखों रुपयों का चूना लगाया है। पुलिस ने इस पूरे गिरोह का भांडाफोड़ कर दिया है। पुलिस की दी जानकारी के मुताबिक 12वीं पास कर चुके नवीन सोंधिया को 50 हजार रुपयों के बदले आईएफएस की नौकरी दे दी। इतना ही नहीं कई लोगों को झूठ बोलकर फ्लैट अलॉट करवा दिया और लाखों रुपयों का चूना लगा दिया है। बिज़नेस में प्रतीक जैन को सुपर वीआईपी इलाके में मात्र 22 लाख रुपए का कहकर डेढ़ लाख में एलॉट एलॉट करवा दिया था। हालांकि इन नटवरलालों की दाल ज्यादा लंबे समय तक नहीं गल पाई। एक पीड़ित महिला ने इस मामले की शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने इस गिरोह की सरगना महिला को गिरफ्तार कर लिया है। अब मामले की जांच की जा रही है और सारी परतों से पर्दाफाश किया जाएगा।
महिला निकली पूरे गिरोह की सरगना
इस पूरे गिरोह की सरगना लेडी नटवरलाल महिला ठग प्रमिला उर्फ प्रवीण तिवारी है। भोपाल का वीआईपी इलाका न्यू मार्केट के रंगमहल चौराहे के पास स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 364 आवास की हाई-राइज बिल्डिंग बनी है, जिसके ठीक बगल में एक और सरकारी बिल्डिंग आकार ले रही है। इसी करोड़ों की सरकारी बिल्डिंग को यह महिला प्राइवेट आधी सरकारी बताकर कौड़ियों के दाम बेचने का दावा कर रही थी। करोड़ो की इस जमीन पर महज 22 लाख में फ्लैट मिलने के चलते दर्जनों लोग झांसे में आ गए उनमें से एक प्रतीक सोनी ने सस्ते फ्लेट के झांसे में आकर प्रवीण उर्फ प्रमिला को डेढ़ लाख रूपए नगद और 30 हजार फोनपे के माध्यम से दे दिए। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
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