1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. CBI अफसर बनकर बुजुर्ग दंपति को बनाया शिकार, 13 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, ठगे 22 लाख रुपये

CBI अफसर बनकर बुजुर्ग दंपति को बनाया शिकार, 13 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, ठगे 22 लाख रुपये

 Written By: India TV MP Bureau Desk
 Published : Aug 12, 2026 06:57 pm IST,  Updated : Aug 12, 2026 08:34 pm IST

मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक वृद्ध दंपति को सीबीआई अधिकारी बनकर जालसाजों ने 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर आरोपियों ने वृद्ध दंपति से करीब 22 लाख रुपये ठगे।

digital arrest- India TV Hindi
डिजिटल अरेस्ट Image Source : MAGNIFIC

मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां CBI अधिकारी बनकर आए धोखेबाजों ने एक बुजुर्ग दंपति को 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। आरोप है कि धोखेबाजों ने मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स से जुड़े मामलों में फंसाने की धमकी देकर पीड़ितों से लगभग 22 लाख ट्रांसफर करवाए। सिविल लाइन्स पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अज्ञात साइबर अपराधियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। हाल ही में खंडवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड अधिकारी से 4 लाख 5 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया था।

डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुआ बुजुर्ग दंपति

डिफेंस कॉलोनी के प्रकाश पॉल शेजवाल की शिकायत के अनुसार यह सब 22 जुलाई को शुरू हुआ, जब धोखेबाजों ने CBI अधिकारी बनकर वृद्ध दंपति से संपर्क किया। उन्होंने धमकी दी कि अगर वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो उन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। अपनी बात को सही साबित करने के लिए, स्कैमर्स ने एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) का एक नकली लेटर भेजा। अगले 13 दिनों तक, पीड़ितों से वीडियो कॉल के जरिए लगातार वर्चुअल पूछताछ की गई। गिरफ्तारी के डर और दबाव में उन्हें अपनी लगभग 21 लाख की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाने और पूरी रकम धोखेबाजों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने भारत सरकार के प्रवर्तन विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक के नाम से नकली रसीदें भेजीं ताकि पीड़ितों को यकीन दिलाया जा सके कि ट्रांजैक्शन सही हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

करीब दो हफ्ते बाद इस बुजुर्ग दंपति को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है और वे सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनकी शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोषियों की पहचान करने और पैसों के लेन-देन का पता लगाने के लिए ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। जबलपुर के एडिशनल SP सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि जांच चल रही है और जांच पूरी होने पर घोटाले के नेटवर्क और पैसों के लेन-देन के बारे में और जानकारी सामने आएगी।

(इनपुट - देबजीत देब)

ये भी पढ़ें - 'पाकिस्तानी एजेंट' बताकर रिटायर्ड अफसर से ठगी, 4.05 लाख हड़पे, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।