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इंदौर: दूषित पानी के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, 3 जनहित याचिका पर 6 जनवरी को सुनवाई

Edited By: Shakti Singh Published : Jan 02, 2026 03:44 pm IST, Updated : Jan 02, 2026 03:44 pm IST

इस मामले में तीन जनहित याचिका दायर की गई हैं। जबलपुर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच तीनों याचिकाओं पर एक साथ 6 जनवरी को सुनवाई करेगी।

Indore High Court- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT जबलपुर हाईकोर्ट इंदौर बेंच

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले ने अब न्यायिक रूप ले लिया है। इस गंभीर घटना को लेकर हाई कोर्ट में लगातार जनहित याचिकाएं दायर की जा रही हैं। आज इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, वहीं एक नई जनहित याचिका पर भी अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को फटकार लगाई है।

इस मामले में 31 दिसंबर को हाई कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। पहली याचिका हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनाणी की ओर से लगाई गई थी, जबकि दूसरी याचिका पूर्व पार्षद महेश गर्ग और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी की ओर से दायर की गई थी। जिसमें पैरवी अधिवक्ता मनीष यादव ने की। 31 दिसंबर को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नगर निगम को अंतरिम आदेश जारी करते हुए सभी प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज कराने और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। 

6 जनवरी को होगी सुनवाई

कोर्ट के आदेशों के पालन में 2 जनवरी को नगर निगम की ओर से स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। इस मामले में एक तीसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट में दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को नोटिस जारी किए हैं। तीनो जनहित याचिकाओं पर 6 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है। 

मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग

मामले में अधिवक्ता मनीष यादव की ओर से अदालत के सामने यह मांग रखी गई कि मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में केवल चार मौतों का उल्लेख किया गया है, जबकि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं। ऐसे में एक विस्तृत और तथ्यात्मक स्टेटस रिपोर्ट पेश किए जाने की भी मांग की गई है। फिलहाल हाई कोर्ट इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में इस पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा निगम आयुक्त दिलीप यादव को कोर्ट में हाजिर होने के लिए नोटिस दिया गया है। 

जिम्मेदार अधिकारियों के लिए सजा की मांग

इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रितेश इनानी ने कहा, "भागीरथपुरा मामले को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और नगर निगम ने अपना जवाब पेश किया, और राज्य सरकार ने कुछ समय पहले एक स्टेटस रिपोर्ट भी फाइल की थी। इसलिए, कोर्ट ने उस स्टेटस रिपोर्ट की सुनवाई के लिए 6 जनवरी की तारीख तय की है, जिसमें बताया गया है कि कितने लोगों की मौत हुई है, कितने लोग आईसीयू में गंभीर हालत में हैं, और कितने लोग हॉस्पिटल में भर्ती हैं। हमारी मुख्य मांग यह है कि इंदौर शहर के हर नागरिक को साफ पानी मिले, और भागीरथपुरा में हुई घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कम से कम अधिकारियों को सजा मिलनी चाहिए ताकि इंदौर में ऐसी गंभीर घटना दोबारा न हो। तीनों याचिकाओं पर 6 जनवरी को एक साथ सुनवाई होगी।"

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