1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. नया वक्फ कानून लागू होने के बाद एमपी में देश की सबसे बड़ी कार्रवाई, अवैध कब्जा करने वालों को ₹28.9 करोड़ का नोटिस

नया वक्फ कानून लागू होने के बाद एमपी में देश की सबसे बड़ी कार्रवाई, अवैध कब्जा करने वालों को ₹28.9 करोड़ का नोटिस

 Reported By: Anurag Amitabh Written By: Shakti Singh
 Published : Aug 28, 2026 11:54 am IST,  Updated : Aug 28, 2026 12:06 pm IST

शाहिद अलीम और अन्य लोगों ने 20 साल से वक्फ की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और मोटी कमाई करते आ रहे हैं। ऐसे में उन्हें 28.9 करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस भेजा गया है।

bhopal Ijtima- India TV Hindi
भोपाल इज्तिमा Image Source : PTI

नया वक्फ कानून लागू होने के बाद एमपी वक्फ बोर्ड ने देश में सबसे बड़ी कार्रवाई की है। वक्फ बोर्ड ने भोपाल में 20 वर्षों से वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों पर FIR दर्ज कराई है। वक्फ बोर्ड का आरोप है कि कब्जाधारियों ने 20 वर्षों में सुल्तानिया रोड स्थित इदारा यतीमखाना शाहजहानी इलाके में अवैध रूप से इज्तिमा में दुकानें लगाकर और अस्पताल खोलकर हर साल 2 करोड़ रुपये से अधिक का किराया वसूला है।

कब्जाधारी शाहिद अलीम और अन्य आरोपियों को 20 सालों के दौरान अवैध रूप से किराए में वसूली गए 28.9 एक करोड़ रुपए का रिकवरी नोटिस जारी किया है। एमपी वक्फ बोर्ड के मुताबिक कब्जा धारियों ने वक्फ की जमीन पर अवैध रूप से मालिकाना हक जताकर 20 सालों से सैकड़ो दुकानों का करोड़ों रुपए किराया लिया है।

कांग्रेस पार्टी के लोगों पर अवैध कब्जे के आरोप

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सनवर पटेल के मुताबिक ये जमीन 1961 से वक्त के नाम गजट नोटिफाई है, लेकिन दारुल शफकत समिति ने वक्फ की 2.7 एकड़ संपत्ति को अवैध रूप से अपना बताते हुए तमाम संपत्ति को किराए पर देते हुए हर साल दो करोड़ से ज्यादा की कमाई की। डॉ सनवर पटेल ने इंडिया टीवी को बताया कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर अवैध कब्जाधारी ज्यादातर एक राजनीतिक दल के लोग हैं और भोपाल में 2.7 एकड़ की जमीन पर कब्जाधारी कांग्रेस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं।

पुराने भोपाल में है वक्फ की जमीन

पुराने भोपाल की सुल्तानिया रोड इलाके में मौजूद 2.7 एकड़ वक्फ संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर करोड़ रुपए की अवैध कमाई करने पर वक्फ बोर्ड ने दारुल शफकत सोसाइटी के अध्यक्ष शाहिद अलीम खान और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शाहजहांनाबाद थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, वक्फ बोर्ड ने 28.91 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए रिवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट भी जारी किया है।

1961 से वक्फ संपत्ति के रूप में नोटिफाइड है जमीन

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के मुताबिक यह 2.7 एकड़ जमीन 1961 से वक्फ संपत्ति के रूप में गजट नोटिफाइड है। दारुल शफकत सोसाइटी नाम की एनजीओ को केवल इसके एक सीमित हिस्से में संस्था संचालित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन सोसाइटी ने पूरी जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए नगर निगम से नक्शा पास करा लिया। एफआईआर के मुताबिक शाहिद अलीम में वक्फ संपत्ति के एक भाग पर अस्पताल भवन का निर्माण कराया और उसके लिए नगर निगम से जो परमिशन प्राप्त की गई उसमें वक्त बोर्ड से कोई अनुमति या एनओसी नहीं मिली।

आरोपी ने खुद को जमीन का मालिक बताया

शाहिद अलीम ने नगर निगम में जो आवेदन पत्र घोषणा और शपथ पत्र दिए थे, उसमें दारुल शफकत समिति और उसके पदाधिकारी ने खुद को वक्फ संपत्ति का स्वामी और आधिकारिक संस्था के रूप में प्रस्तुत किया। अस्पताल के लिए भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान शपथ पत्र में स्वयं को भूखंड स्वामी के रूप में प्रस्तुत किया गया। जिनको अस्पताल दिया गया उनके साथ शपथ पत्र में भी दारुल शफकत समिति और उसके पदाधिकारी ने खुद को वक्फ संपत्ति के स्वामी के रूप में बताया। 2004-5 से लेकर अब तक इन संपत्तियों से किराया आय व्यय की कोई जानकारी वक्फ को नहीं दी गई।

20 साल से लग रहा इज्तिमा बाजार

डॉ सनवर पटेल ने इंडिया टीवी को बताया  कि पिछले 20 वर्षों से नियमों को दरकिनार कर इस जमीन पर अवैध रूप से इज़्तिमा बाजार संचालित किया जा रहा था। सैकड़ों दुकानों को किराए पर देकर हर साल 2 करोड़ रुपए के हिसाब से करोड़ों रुपए कमाया गया, जिसके चलते 28.91 करोड रुपए की आरआरसी जारी की गईं। वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जाधारियों का खुलासा केंद्र सरकार द्वारा नए वक्फ प्रावधानों के तहत शुरू किए गए उम्मीद पोर्टल पर दर्ज 14,591 संपत्तियों की जांच के दौरान इस वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ। डॉ. सनवर पटेल का आरोप है कि वक्फ जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों का संबंध राजनीतिक दलों से है और इस मामले में मुख्य आरोपी का संबंध कांग्रेस पार्टी से है। कानूनी लड़ाई में बोर्ड के पक्ष में फैसला आने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें-

2 करोड़ की धोखाधड़ी का भंडाफोड़, 14 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने 19 एंड्राइड मोबाइल किए बरामद

फोन आया- तेरे भाई को बचा सके तो बचा लेना... और फिर कर दी 2 लोगों की हत्या; उज्जैन में करणी सेना के गुटों में खूनी जंग

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।