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इनकम से 241% ज्यादा संपत्ति वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पर शिकंजा, पड़ी ताबड़तोड़ रेड; मकान-प्लॉट पर हुए बड़े खुलासे

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jun 10, 2026 12:37 pm IST,  Updated : Jun 10, 2026 12:37 pm IST

Raid Against Deputy Director: इंदौर में लोकायुक्त पुलिस की टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के अलग-अलग ठिकानों पर रेड की, जिसमें उनकी करोड़ों की प्रॉपर्टी और निवेश का खुलासा हुआ है।

इंदौर में महिला एवं...- India TV Hindi
इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड हुई है। Image Source : REPORTERS INPUT

Indore Lokayukta Action: मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापा मारा है। प्रारंभिक जांच में कंडवाल के पास आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त की तीन टीमें उनके मकान, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर सहित अन्य परिसरों पर दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई हैं। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की संभावना जताई जा रही है।

डिप्टी डायरेक्टर ने जुटाई आय से 241% ज्यादा प्रॉपर्टी

पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के तहत लोकायुक्त पुलिस को लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत के सत्यापन की जिम्मेदारी कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास को सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि कंडवाल ने अपने करीब 30 वर्षों के शासकीय सेवाकाल में वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

वेतन और वैध स्रोतों से नहीं मैच खाती संपत्ति

लोकायुक्त की जांच के अनुसार, साल 1996 से सेवा में कार्यरत लक्ष्मी नारायण कंडवाल की वेतन और अन्य वैध स्रोतों से कुल आय लगभग ढाई करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि अब तक सत्यापित संपत्तियों का मूल्य करीब साढ़े 9 करोड़ रुपये पाया गया है। इस आधार पर उनके पास 241 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति होने का मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध रजिस्टर किया है।

सामने आई चार मंजिला बिल्डिंग और 11 प्लॉट की जानकारी

जांच में सामने आया है कि स्कीम नंबर 103 में 252 वर्गमीटर के व्यावसायिक जमीन पर लगभग 13 हजार 500 वर्ग फीट की बहुमंजिला इमारत बनी हुई है। इस बिल्डिंग की 3 मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियां चलती हैं, जबकि चौथे फ्लोर पर उनका परिवार रहता है। इसके अलावा, स्कीम नंबर 140 में दो प्लॉट और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से लगे तारपुरा, बेकलाय और बनेड़िया सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 11 अलग-अलग कीमती जमीन भी सामने आई है।

स्पेशल कोर्ट ने वारंट जारी होने के बाद हुई रेड

लोकायुक्त पुलिस ने स्पेशल कोर्ट से तलाशी वारंट मिलने के बाद बुधवार सुबह छापामार कार्रवाई शुरू की। तीन अलग-अलग टीमों ने मकान, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर सहित अलग-अलग परिसरों में रेड की। बरामद हुए दस्तावेजों और निवेश संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य और अन्य निवेशों का भी खुलासा हो सकता है।

करोड़ों की संपत्तियों और निवेश का हुआ खुलासा

महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल, लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद करोड़ों की अन्य संपत्तियों और निवेशों का भी खुलासा होने की संभावना है।

(इनपुट- भरत पाटिल)

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