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MP नगर निगम घोटाले पर बड़ा एक्शन, 392 अफसरों पर कार्रवाई, 7 बर्खास्त, 80 से ज्यादा ठेकेदार-सप्लायर्स पर भी गिरी गाज

 Reported By: Anurag Amitabh,  Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Oct 25, 2026 02:50 pm IST,  Updated : Oct 25, 2026 02:56 pm IST

घोटाले के उजागर होने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि MP नगर निगम घोटाले में सरकार ने 392 अफसर के खिलाफ कार्रवाई की है।

नगरीय प्रशासन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे- India TV Hindi
नगरीय प्रशासन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे Image Source : REPORTER INPUT

मध्य प्रदेश के नगर निगम नगर पालिका और नगरीय निकायों में खरीदी घोटाला सामने आने के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने 392 अफसर के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) भी शामिल हैं। गंभीर मामलों में 7 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। 80 से ज्यादा ठेकेदार और सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिन्होंने गलत तरीके से या गलत दरों पर इसको उपलब्ध कराया था, वह प्रक्रिया निरंतर जारी है।

सामने आए नगरीय प्रशासन विभाग के एडिशनल चीफ

घोटाले के उजागर होने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे सामने आए।  संजय दुबे पहली बार सामने आए और वायरल वीडियो के बारे में बताते हुए की कहा कि इसके जरिए अधिकारियों को समझाइए देने की कोशिश की जा रही थी की उच्च अधिकारियों की निगाह खरीदी और टेंडर प्रक्रियाओं पर सतत रहती है।

दरअसल, वायरल हुए वीडियो 16-17 अप्रैल को नगरीय निकाय के प्रशिक्षण सत्र के दौरान था। इस दौरान नगरीय निकाय के भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए दिखाई दिए। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे ने कहा था कि कैसे नगरीय निकायों में 200000 रुपये का कचरा वाहन 4 कंटेनर लगाकर 6 लाख रुपए का हो जाता है।

7 लोगों को किया गया बर्खास्त

वीडियो के वायरल हो जाने के बाद पहली बार कैमरे के सामने आए संजय दुबे ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "देखिए जब हम ये प्रशिक्षण दे रहे थे। तब लगभग डेढ़ सौ अधिकारी, 146 विशेष रूप से अगर बात करें, उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाइयां की गई थी। उनमें से 7 लोगों को बर्खास्त किया गया है। बर्खास्त की जानकारी आप जानते हैं कि बड़ी लंबी प्रक्रिया के तहत होता है।"

80 से ज्यादा ठेकेदार और सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई 

दुबे ने आगे कहा, "हमने लगभग तीन से चार करोड़ रुपए की वसूली उस समय तक अधिकारियों, कर्मचारियों से कर ली थी जिन्होंने अनियमित भुगतान किया था। 80 से ज्यादा ठेकेदार और सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई की, जिन्होंने गलत तरीके से या गलत दरों पर इसको उपलब्ध कराया था और वो प्रक्रिया निरंतर जारी है। उसके पहले भी जारी थी, आज भी जारी है, तब भी जारी थी और आज की तारीख में लगभग 392 अधिकारी हैं जो अलग लेवल के हैं, जिसमें से लगभग 135 तो केवल CMO level के अधिकारी हैं, Chief Municipal Officer level के अधिकारी हैं, जिनकी वसूली की कार्रवाई की गई है।

कुछ लोगों को किया गया डिमोट

ACS दुबे ने बताया "कुछ लोगों से, कुछ लोगों की वेतन वृद्धियां रोकी गई हैं, कुछ लोगों को डिमोट किया गया है और कुछ लोगों को बर्खास्त किया गया है। तो जिसकी जितनी ज्यादा लापरवाही, उसके खिलाफ उस तरह की कार्रवाई की गई है। ये शासन का बिल्कुल स्पष्ट निर्देश हमारे पास है कि आपको ये सुनिश्चित करना है कि किसी भी तरीके से कोई भी अनियमितता की कार्रवाई ना हो और ये तकनीक के कारण ही हुआ है"

ये नागरिकों का पैसा- संजय दुबे

इसके साथ ही उन्होंने कहा, "हमारे सारे जो भी निर्देश हैं राज्य शासन के, वो यही हैं कि आप ये सुनिश्चित करें कि आप यथा संभव क्योंकि ये नागरिकों का पैसा है। इस पैसे का दुरुपयोग ना हो। इसका सही सदुपयोग हो। प्रयोजन के लिए राशि दी जा रही है या उनके द्वारा अर्जित की जा रही है। उसका उपयोग नागरिकों के हितों के लिए और उनकी आवश्यकताओं के लिए ही किया जाए।"

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