देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन दिनों मध्य प्रदेश दौरे पर हैं। ये दौरा 18 से 22 जून तक चलेगा, जिसके अंतर्गत वह बैतूल, ओंकारेश्वर, जबलपुर और कूनो जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह 18 जून की सुबह दिल्ली से रवाना हुईं और अपने दौरे के अंतर्गत राष्ट्रपति मुर्मू पहले इंदौर पहुंचीं, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से राष्ट्रपति मुर्मू सीधे ओंकारेश्वर के लिए रवाना हो गईं, जहां उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन किए और इसके बाद वह बैतूल के लिए रवाना हो गईं।
बैतूल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत
बैतूल पहुंचने पर राज्यपाल मंगू पटेल, माननीय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, बैतूल सांसद एवं केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल एवं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने हेलीपेड पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य स्वागत किया। यहां उन्होंने "आध्यात्मिक जागृति के जरिए आदिवासी समाज का सशक्तिकरण" विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में हिस्सा लिया। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने आधुनिक सामाजिक-आर्थिक विकास को आदिवासी संस्कृति के साथ जोड़ने के महत्व पर बात की।
आदिवासी संस्कृति पर राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन
बैतूल में आयोजित 'आध्यात्मिक जागृति के जरिए आदिवासी समाज का सशक्तिकरण' सम्मेलन में राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे वर्तमान समय की संघर्षों से भरी और भौतिकवादी दुनिया में, आदिवासियों की लाइपस्टाइल महत्वपूर्ण सीख देती है, जो प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान से गहराई से जुड़ी है। इसी के साथ राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि आदिवासियों की जीवन शैली कैसे वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण सीख देती है।
जबलपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
अपने मध्य प्रदेश दौरे के अंतर्गत राष्ट्रपति मुर्मू जबलपुर पहुंचेंगी, जिसके चलते शहर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 20 और 21 जून को जबलपुर के कई क्षेत्रों को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित कर दिया गया है, जिनमें डुमना एयरपोर्ट, गेरिसन ग्राउंड, सर्किट हाउस-1, एमईएस रेस्ट हाउस और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय शामिल हैं। डुमना एयरपोर्ट से गेरिसन ग्राउंड तक के पूरे आवागमन मार्ग पर भी प्रतिबंध रहेगा और चिन्हित स्थलों और मार्ग के 15 किलोमीटर दायरे को भी रेड जोन घोषित किया गया है।
उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा जारी आदेश 20 जून सुबह 10 बजे से 21 जून रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसी के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक है और पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून और अन्य फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स भी प्रतिबंधित है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 'वायुयान अधिनियम 1934' समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज होगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(रिपोर्ट- देवजीत देव)
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